राजस्थान के अलवर जिले में गाय का दूध बेचकर और मजदूरी करके बमुश्किल परिजनों का पेट भर पाने की जद्दोजहद में जुटा रहा था रकबर। दूध-घी ज्यादा हो तो परिवार का गुजारा सही से हो जाएगा, यही सोचकर रकबर राजस्थान के गांव खानपुर से 60 हजार रुपए में दुधारू गाय खरीदकर 20 जुलाई को कोल गांव आ रहा था। रास्ते में रामगढ़ में कथित गौरक्षकों ने उसकी पिटाई की, जिससे बाद में उसकी मौत हो गई।
गोरक्षा और गोमांस के नाम पर हो रही है इंसानों की हत्याएं
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पीएम ने तथाकथित गोरक्षकों के खिलाफ की थी कार्रवाई की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ही ऐसी घटनाओं पर अफसोस जताया था और राज्य सरकारों से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कहा था। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट भी राज्यों से भीड़ द्वारा हो रही हिंसक घटनाओं पर रोक के निर्देश दे चुका है।
Killing people in the name of Gau Bhakti is not acceptable. This is not something Mahatma Gandhi would approve: PM @narendramodi
साल 2017 में प्रधानमंत्री मोदी महात्मा गांधी के पूर्व निवास साबरमती आश्रम के 100 साल पूरा होने के समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि गायों की रक्षा के नाम पर किसी की भी हत्या अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा था कि देश में किसी को यह अधिकार नहीं कि वह कानून अपने हाथ में ले। उन्होंने कहा, "गोभक्ति के नाम पर हो रही हत्याएं स्वीकार्य नहीं है। यह ऐसी चीज नहीं है जिससे महात्मा गांधी सहमत होते।" मोदी ने कहा था, "हम कैसे लोग हैं गाय के नाम पर इंसान को मारते हैं।"
इससे पहले साल 2016 में अगस्त के महीने में प्रधनमंत्री मोदी ने कथित गोरक्षकों की आलोचना करते हुए धर्म के नाम पर अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात की थी। मोदी ने कहा था कि गोरक्षा की आड़ में आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लेकिन गोहत्या और गोमांस खाने के शक में मुसलमानों को निशाना बनाये जाने की घटनाएं तब भी जारी रहीं।
देश में बहुसंख्यक आबादी हिंदुओं के लिए गाय पवित्र है और कई राज्यों में गोहत्या पर प्रतिबंध है। देश के विभिन्न इलाकों और खासतौर पर उत्तर और पश्चिमी क्षेत्रों में खुद को गोरक्षक बताने वाले समूह घूम-घूम कर आती-जाती गाड़ियों की जांच करते हैं।
भारत में करीब 8 करोड़ लोग बीफ खाते हैं
राष्ट्रीय सैंपल सर्वे ऑफिस एनएसएसओ के 2011-12 के आंकड़ें दिखाते हैं कि भारत में करीब 8 करोड़ लोग बीफ या भैंस का मीट खाते हैं। आंकड़ों के अनुसार बीफ यानि गोमांस और भैंस का मीट खाने वाले ये लोग सभी धर्मों और राज्यों में पाए जाते हैं।
पिछले कुछ सालों के दौरान मांस की खपत बढ़ी
एनएसएसओ के आंकड़ों के अध्ययन से पिछले कुछ सालों के दौरान मांस की खपत बढ़ने का पता चलता है। इस सर्वे में करीब एक लाख लोगों को शामिल कर यह आंकड़ें इकट्ठा किए गए। इस सर्वे में यह पता लगया गया कि हफ्ते और महीने की औसत अवधि में एक परिवार खाने की किन चीजों पर कितना खर्च करता है।
विश्व औसत के मुकाबले भारत में बीफ की खपत कम
विश्व में मांस की खपत का लेखाजोखा रखने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था एफएओ की साल 2007 में जारी 177 देशों की सूची में भारत आखिरी स्थान पर था। 43 किलो के विश्व औसत के मुकाबले भारत में प्रति व्यक्ति सालाना मांस की खपत सिर्फ 3.2 किलो दर्ज की गई।