BSP ने जारी किया विपक्ष की एकता का पोस्टर, पहली बार मायावती-अखिलेश साथ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिशन 2019 के लिए विपक्ष अभी से एकजुट होना शुरू हो गया है। विपक्षी एकता के लिए सोनिया गांधी से लेकर ममता बनर्जी की तमाम कवायदों के बाद अब यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की पार्टी बीएसपी ने पहल की है। रविवार देर शाम बहुजन समाज पार्टी के ट्विटर हैंडल से एक पोस्टर ट्वीट करके विपक्षी दलों को एक साथ लाने की कोशिश की गई। बीएसपी के इस पोस्टर में पहली बार मायावती के साथ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव नजर आए।
मायावती के साथ अखिलेश, लेकिन राहुल गांधी नहीं
बहुजन समाज पार्टी के ट्विटर अकाउंट से रविवार को एक पोस्टर जारी किया गया। इस पोस्टर में बीएसपी सुप्रीमो मायावती के साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, जेडीयू के बागी शरद यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तो हैं, लेकिन राहुल गांधी नहीं हैं। इस पोस्टर में लिखा है, ''सामाजिक न्याय के समर्थन में विपक्ष एक हो।''
सामाजिक न्याय की ओर एक कदम...
विपक्ष का एकीकृत प्रयास...#BSP pic.twitter.com/4XJYhacmwLविज्ञापन विज्ञापन
— Bahujan Samaj Party (@BspUp2017) August 20, 2017
RJD की रैली से पहले संयुक्त विपक्ष की नई तस्वीर
बीएसपी का यह पोस्टर 27 अगस्त को पटना में लालू यादव द्वारा प्रस्तावित विपक्ष की रैली से पहले आया है और इसे साझे विपक्ष की नई तस्वीर के तौर पर देखा जा रहा है। बता दें कि बीजेपी सरकार के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है।
बीएसपी का ऑफिशियल अकाउंट होने से इनकार
बीएसपी के पूर्व प्रवक्ता सुधींद्र भदौरिया ने इस पोस्टर को रिट्वीट करते हुए लिखा है- ''बहनजी के नेतृत्व में विपक्ष समतामूलक समाज की दिशा में आगे।'' हालांकि यूपी बीएसपी के अध्यक्ष राम अचल राजभर ने इसे बीएसपी का ऑफिशियल अकाउंट होने से इनकार किया है।
लालू ने की थी बिहार से राज्यसभा भेजने की पेशकश
आपको बता दें कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में संसद के मॉनसून सत्र में दलितों के मुद्दे पर बोलने से रोकने का आरोप लगाते हुए राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद लालू प्रसाद यादव ने उन्हें बिहार से राज्यसभा भेजने की पेशकश की थी.