Security Expenditure: तीन साल में भारत-चीन समेत दूसरे देशों से लगी सीमा पर कितना हुआ खर्च, संसदीय समिति की नजर
Security Expenditure: साल 2023-24 के लिए अनुदान मांगों पर विचार करने के मकसद से राज्यसभा सचिवालय ने 19 जनवरी को यह जानकारी मांगी है। गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति को 27 जनवरी तक यह जानकारी मुहैया कराई जानी है। इस जानकारी में उन कामों का भी विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है, जो पिछले तीन साल के दौरान किए गए हैं...
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भारत-चीन, भारत-पाकिस्तान और दूसरे देशों से लगते बॉर्डर पर गत तीन वर्ष के दौरान सुरक्षा एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर कितना खर्च हुआ है, गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने यह जानकारी मांगी है। जम्मू-कश्मीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्र, और उत्तर पूर्व में हुए सुरक्षा खर्च की भी विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा सेंट्रल सेक्टर स्कीम के तहत 'प्रवासियों और प्रत्यावर्तितों की राहत व पुनर्वास' के तहत पश्चिमी पाकिस्तान से आए लोग, तिब्बती शरणार्थियों व दूसरे ऐसे ही दूसरे लोगों पर कितनी राशि खर्च हुई है, यह जानकारी भी समिति को मुहैया करानी है।
साल 2023-24 के लिए अनुदान मांगों पर विचार करने के मकसद से राज्यसभा सचिवालय ने 19 जनवरी को यह जानकारी मांगी है। गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति को 27 जनवरी तक यह जानकारी मुहैया कराई जानी है। इस जानकारी में उन कामों का भी विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है, जो पिछले तीन साल के दौरान किए गए हैं। तीन वर्ष के दौरान तय किए गए फिजिकल और फाइनेंशियल टारगेट की जानकारी मांगी गई है। इतना ही नहीं, तीन वर्षों में जो फिजिकल और फाइनेंसियल टारगेट निर्धारित किए गए थे, उनकी उपलब्धियां क्या रही हैं और उक्त कार्यों पर तीन वर्ष में कुल कितना खर्च हुआ है, वह जानकारी भी देनी होगी।
पश्चिमी पाकिस्तान व तिब्बती शरणार्थियों पर कितना खर्च
सेंट्रल सेक्टर स्कीम के तहत 'प्रवासियों और प्रत्यावर्तितों की राहत व पुनर्वास' की जानकारी में पश्चिमी पाकिस्तान से आए लोग, तिब्बती शरणार्थी, पीओके व छांब नियाबत क्षेत्र के विस्थापित, आतंकी हमलों व सांप्रदायिक दंगों के पीड़ित, श्रीलंका के विस्थापित, त्रिपुरा में पुनर्वास, भारत और बांग्लादेश के बीच लैंड बाउंड्री एंग्रीमेंट की जानकारी मांगी गई है। स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन व दूसरे लाभ, उत्तर पूर्व में हेलिकॉप्टर सर्विस, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हेलिकॉप्टर सेवा पर कितना खर्च हुआ व आपदा प्रबंधन व्यय से जुड़ी रिपोर्ट भी देनी होगी। उत्तर-पूर्व में सिविक एक्शन प्रोग्राम, मीडिया प्लान, सीएपीएफ के सिविक एक्शन प्लान व असम में बनाए गए एक हजार अतिरिक्त फॉरेन ट्रिब्यूनल पर कितनी राशि खर्च हुई है, ये सूचना भी देनी है। तीन वर्ष में जो लक्ष्य तय किए गए थे, वे अभी तक कितना पूरा हो सके हैं। यह सब जानकारी देनी होगी।
भारत-चीन बॉर्डर व दूसरे देशों से लगती सीमा पर खर्च
बीएसएफ एयर विंग के अंतर्गत एयर विंग, एयरक्रॉफ्ट, रिवरबोट व हेलीबेस पर तीन वर्ष के टारगेट और खर्च की जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड मैनेजमेंट के तहत भारत-चीन बॉर्डर पर सड़क निर्माण 'फेज वन और टू' के तहत कितनी राशि खर्च हुई है। माइनर वर्क की स्थिति भी बतानी होगी। भारत-नेपाल बॉर्डर, भारत-भूटान बॉर्डर और भारत-म्यांमार बॉर्डर पर निर्माण की स्थिति, यह जानकारी भी राज्य सभा सचिवालय को देनी होगी। भारत बांग्लादेश बॉर्डर पर आईबीबी बार्बड वायर फेंसिंग, आईबीबी बॉर्डर रोड, आईबीबी फ्लड लाइट व दफ्तर खर्च का ब्यौरा देना होगा। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर फेंसिंग, बॉर्डर रोड, फ्लड लाइट, हाईटेक सर्विलांस उपकरण, आईबीबी और आईपीबी पर बीओपी व कोस्टल सिक्योरिटी स्कीम पर कितना खर्च हुआ है। तीन वर्ष में जो टारगेट तय किए गए थे, वे अभी तक कितने पूरे हुए हैं, ये सूचना मांगी गई है। बीओपी निर्माण पर कितना रुपया खर्च हुआ है, टारगेट कितने पूरे हुए हैं, इसके तहत असम राइफल, बीएसएफ, एसएसबी व आईटीबीपी से जानकारी मांगी गई है।
अतिरिक्त बॉर्डर चेक पोस्ट व एनपीए खर्च का ब्यौरा मांगा
इनके अतिरिक्त बॉर्डर चेक पोस्ट, सीएपीएफ मेडिकल संस्थान, बीपीआरएंडडी, नेशनल पुलिस अकादमी, नॉर्थ-ईस्टर्न पुलिस अकादमी, एनआईसीएफएस और सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री पर तीन साल में कितनी धनराशि खर्च हुई है। इन योजनाओं की उपलब्धियां क्या रही हैं, ये सब रिपोर्ट में बताना होगा। एनसीबी, महिला सुरक्षा, नेशनल इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम, महिलाओं एवं बच्चों को साइबर अपराध से बचाना, नेशनल मिशन फॉर वूमेन सेफ्टी, आईसीजेएस, ईआरएसएस, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी व्यय, उत्तर पूर्व एवं जम्मू कश्मीर में सुरक्षा व्यय, सीसीटीएनएस, एलडब्ल्यूई थियेटर में सिविक एक्शन प्लान व मीडिया प्लान, राज्य पुलिस बलों का आधुनिकीकरण, ई प्रिजन योजना को लागू करना, बॉर्डर एरिया डेवेलपमेंट प्रोग्राम और सेफ सिटी प्रोजेक्ट पर हुआ खर्च एवं उपलब्धि की जानकारी देनी होगी।