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2019 में बलात्कार और शारीरिक शोषण के चलते 72 महिलाओं को करनी पड़ी थी खुदकुशी
Wed, 30 Sep 2020 06:57 PM IST
Harendra Chaudhary
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 30 Sep 2020 06:57 PM IST
सार
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी 'एक्सीडेंटल डेथ एंड सुसाइड इन इंडिया' 2019 रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। पिछले साल बलात्कार और शारीरिक शोषण की वजह से 72 महिलाओं ने आत्महत्या की है...
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Crime against Women
- फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
अलीगढ़ के हाथरस की बिटिया को न्याय दिलाने के लिए देश के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। हाथरस की पीड़िता बच नहीं सकी। पिछले साल बलात्कार और शारीरिक शोषण के चलते 72 महिलाओं को खुदकुशी के लिए मजबूर होना पड़ा। इनमें उत्तर प्रदेश की नौ पीड़िताएं भी शामिल हैं।
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नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी 'एक्सीडेंटल डेथ एंड सुसाइड इन इंडिया' 2019 रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। पिछले साल बलात्कार और शारीरिक शोषण की वजह से 72 महिलाओं ने आत्महत्या की है। इनमें मध्यप्रदेश की 18, असम दो, बिहार 01, झारखंड 08, कर्नाटक 02, केरल 04, महाराष्ट्र 01, पंजाब 04, राजस्थान 05, तमिलनाडु 17, उत्तरप्रदेश 09 और दिल्ली में एक महिला ने खुदकुशी की थी।
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बांझपन की वजह से 237 महिलाओं ने आत्महत्या कर ली थी। शादी से संबंधित मामलों में 1815 महिलाओं ने खुदकुशी की थी। इनमें मध्यप्रदेश की 496, महाराष्ट्र की 158, उत्तर प्रदेश की 436 और पश्चिम बंगाल में 288 महिलाएं शामिल हैं। इतना ही नहीं, सामाजिक प्रतिष्ठा की खातिर 135 महिलाओं को खुदकुशी के रास्ते पर जाना पड़ा। वे महिलाएं, जिन पर संदिग्ध एवं अवैध संबंध होने का आरोप लगा, उन्होंने भी आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लिया। ऐसी महिलाओं की संख्या 255 रही है।
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