Imran Khan Arrest: क्या मार्शल लॉ की तरफ बढ़ रहा पाक, इमरान को पुलिस की बजाए रेंजर्स ने क्यों किया गिरफ्तार?
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विस्तार
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर से गिरफ्तार कर लिया गया। खास बात है कि पूर्व पीएम को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस नहीं आई, बल्कि पाकिस्तानी रेंजर्स (अर्धसैनिक बल) आए थे। पाकिस्तान की स्थिति को करीब से जानने वाले लोगों का कहना है, यह बड़ी बात है कि इमरान खान को रेंजर्स ने गिरफ्तार किया है। चूंकि वहां की मौजूदा परिस्थितियों में सरकार में सेना के दखल से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए आईएसआई और आर्मी ने मिलकर इमरान खान की गिरफ्तारी का प्लान तैयार किया है।
स्थानीय पुलिस से लीक हो सकती थी गिरफ्तारी की सूचना
ऐसा संभव है कि रेंजर्स के वेश में आर्मी कमांडो ने इमरान खान को गिरफ्तार किया हो। इमरान, पाकिस्तान में खासे लोकप्रिय हैं, ऐसे में स्थानीय पुलिस से उनकी गिरफ्तारी की सूचना लीक हो सकती थी। इस वजह से पाकिस्तानी रेंजर्स को सामने लाया गया। पाकिस्तान के मामलों पर करीब से नजर रखने वाले एयर कमोडोर बीएस सिवाच (रिटायर्ड) ने बताया, आने वाले दिन इस मुल्क के लिए अच्छे नहीं हैं। इमरान खान को रेंजर्स ने गिरफ्तार किया, इसका कुछ मतलब है। वहां पर मार्शल लॉ लागू होना कोई बड़ी बात नहीं है। पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है। मार्शल लॉ के बाद सब कुछ सेना के नियंत्रण में आ जाता है।
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पीटीआई ने इमरान खान की गिरफ्तारी को अपहरण करार दिया है। अपने ट्वीट में पीटीआई ने लिखा, पाकिस्तान रेंजर्स ने पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान का अपहरण कर लिया है। गिरफ्तार किए जाने के दौरान इमरान खान को पाकिस्तानी रेंजर्स ने धक्का दिया था, जिससे वे घायल हो गए। पाकिस्तान की सरकार और आर्मी को शक था कि अगर इमरान की गिरफ्तारी में पुलिस को शामिल करते हैं तो वह सूचना लीक हो सकती है।
प्रधानमंत्री शरीफ की कुर्सी सेना के सहारे टिकी
ऐसा तो है नहीं कि इमरान खान की गिरफ्तारी एकाएक हुई है। इसे लेकर लंबे समय से प्रयास चल रहे थे। मामला अदालत में था, लेकिन सरकार ने कई बार उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की, मगर हर बार उनकी पार्टी आड़े आती रही। यही वजह रही कि इमरान की गिरफ्तारी को सीक्रेट रखा गया। ऐसा संभव है कि आर्मी कमांडो, पाकिस्तान रेंजर्स की वर्दी पहनकर आए हों। इमरान की गिरफ्तारी के बाद पीटीआई चुप नहीं बैठेगी, इस पर पहले से ही मंथन किया गया होगा।
बतौर सिवाच, पाकिस्तान में स्थिति अब हर पल बदलती हुई नजर आएगी। ये जरूरी नहीं है कि जो पीएम शरीफ चाहें, वैसा ही हो। ये बात किसी से छिपी नहीं है कि प्रधानमंत्री शरीफ की कुर्सी, सेना के सहारे टिकी है। पाकिस्तान में शरीफ से कहीं ज्यादा लोकप्रियता इमरान खान की है। सरकार को यह डर भी है कि निकट भविष्य में जब चुनाव होगा और इमरान खान जीत गए, तो उसकी हालत खराब हो जाएगी। इस वजह से इमरान को चुनाव से पहले ही अरेस्ट कर लिया। पाकिस्तान के पूर्व सूचना मंत्री और पीटीआई के उपाध्यक्ष फवाद चौधरी ने कहा, अदालत पर 'रेंजर्स का कब्जा' है। वकीलों को 'यातना' दी जा रही है। पीटीआई नेता अजहर मसवानी ने खान की गिरफ्तारी को 'अपहरण' बताते हुए देश भर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है।