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रूठा मानसून: लगातार दो महीने कम हुई बारिश, अगस्त में 26 फीसदी कम हुई वर्षा
Mon, 30 Aug 2021 01:55 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 30 Aug 2021 01:55 AM IST
सार
मौसम का अनुमान जताने वाली निजी एजेंसी ‘स्काईमेट वेदर’ ने इस साल के अपने पूर्वानुमान को घटाकर ‘सामान्य से कम’ मॉनसून श्रेणी का कर दिया है
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छाए बादल...
- फोटो : PTI
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विस्तार
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की मॉनसून में अच्छी बारिश के तमाम पूर्वानुमानों के बावजूद उत्तर और मध्य भारत में लगातार दो महीने कम बारिश दर्ज की गई है। अगस्त में अब तक 26 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है। ऐसे में इस साल मॉनसून की बारिश के औसत से नीचे रहने की आशंका है।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में बारिश सामान्य से सात फीसदी कम रही। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया, अगस्त में 28 अगस्त तक बारिश में 26 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
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जून में 10 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि आईएमडी जल्द ही सितंबर के लिए पूर्वानुमान जारी करेगा। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के एक जून से 30 सितंबर तक चार महीने के मौसम में लगातार दो महीनों में बारिश कम हुई है।
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एक जून से 28 अगस्त तक 10 फीसदी कम हुई वर्षा
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक एक जून से 28 अगस्त के बीच देश में 10 फीसदी कम बारिश हुई। आईएमडी ने अगस्त के लिए सामान्य वर्षा (दीर्घकालिक औसत का 94 से 106 प्रतिशत) का अनुमान जताया था, लेकिन ऐसा लग रहा है कि पूर्वानुमान सही नहीं होगा।
आईएमडी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि 2021 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मौसम के दूसरे हिस्से (अगस्त से सितंबर) के दौरान पूरे देश में बारिश सामान्य रहने की संभावना है। कृषि मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कुछ राज्यों में कम बारिश के कारण 2021-22 के खरीफ मौसम में धान की खेती का क्षेत्र 1.23 प्रतिशत घटकर 388.56 लाख हेक्टेयर रह गया है।