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WB Doctor Murder Case: पीएम मोदी से IMA ने कोलकाता कांड में हस्तक्षेप की अपील की, पत्र लिखकर रखी पांच मांगें
Sat, 17 Aug 2024 10:46 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 17 Aug 2024 10:46 PM IST
सार
WB Doctor Murder Case: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के मामले में देश के कोने-कोने में विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी बीच इंडियन मेडिकल एसोसिशन ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर उनसे अपील की है।
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IMA ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
- फोटो : ANI
विस्तार
इंडियन मेडिकल एसोसिशन (IMA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और डॉक्टरों की सुरक्षा समेत कई मांगें रखी है। आईएमए ने पत्र में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में भीड़ की ओर से की गई तोड़फोड़ की भी जिक्र किया। डॉक्टरों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर करते हुए आईएमए ने कहा कि डॉक्टर, खासकर महिलाएं, अपने पेशे की प्रकृति के कारण हिंसा के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।
क्या है आईएमए ने पांच मांगें?
IMA ने पीएम के स्वतंत्रता दिवस के संबोधन की सराहना की
आईएमए ने पत्र में प्रधानमंत्री से कहा है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में महिलाओं की सुरक्षा के बारे में आपकी टिप्पणियों की हम सराहना करते हैं। हम आपसे इस समय इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते हैं। इससे न केवल महिला डॉक्टरों बल्कि कार्यस्थल पर काम करने वाली हर महिला को आत्मविश्वास मिलेगा। भारतीय डॉक्टरों में 60 प्रतिशत महिलाएं हैं। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यस्थल पर शांतिपूर्ण माहौल, सुरक्षा और संरक्षा मिलनी चाहिए। हम अपनी मांगों को पूरा करने के लिए उचित उपाय सुनिश्चित करने के लिए आपके हस्तक्षेप की अपील कर रहे हैं।
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क्या है आईएमए ने पांच मांगें?
- पहली मांग- महामारी रोग अधिनियम 1897 में 2020 के संशोधन को स्वास्थ्य सेवा कार्मिक और नैदानिक प्रतिष्ठान (हिंसा और संपत्ति क्षति प्रतिषेध विधेयक,2019) के मसौदे में शामिल करते हुए एक केंद्रीय कानून बनाया जाए। इससे मौजूदा 25 राज्यों के कानूनों को मजबूती मिलेगी।
- दूसरी मांग- सभी अस्पतालों को सुरक्षा अधिकारों के साथ सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। अस्पतालों के सुरक्षा प्रोटोकॉल हवाई अड्डे जैसे हों। सभी अस्पतालों में सीसीटीवी, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए।
- तीसरी मांग- पीड़िता द्वारा की जा रही 36 घंटे की ड्यूटी शिफ्ट और सुरक्षित स्थानों की कमी और पर्याप्त आराम कक्षों की कमी निवासी डॉक्टर्स के कार्यकारी और रहने की स्थितियों की पूरी तरह से समीक्षा की जाए।
- चौथी मांग- अपराध की सावधानीपूर्वक और पेशेवर जांच एक समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए, ताकि न्याय मिल सके। और
- पांचवीं मांग- पीड़ित परिवार को अपराध की जघन्यता के अनुसार उपयुक्त और गरिमापूर्ण मुआवजा दिया जाए।
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Indian Medical Association (IMA) writes letter to Prime Minister Narendra Modi demanding his intervention on demands of the doctors pic.twitter.com/GLQuxqKa9L
— ANI (@ANI) August 17, 2024
IMA ने पीएम के स्वतंत्रता दिवस के संबोधन की सराहना की
आईएमए ने पत्र में प्रधानमंत्री से कहा है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में महिलाओं की सुरक्षा के बारे में आपकी टिप्पणियों की हम सराहना करते हैं। हम आपसे इस समय इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते हैं। इससे न केवल महिला डॉक्टरों बल्कि कार्यस्थल पर काम करने वाली हर महिला को आत्मविश्वास मिलेगा। भारतीय डॉक्टरों में 60 प्रतिशत महिलाएं हैं। सभी स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यस्थल पर शांतिपूर्ण माहौल, सुरक्षा और संरक्षा मिलनी चाहिए। हम अपनी मांगों को पूरा करने के लिए उचित उपाय सुनिश्चित करने के लिए आपके हस्तक्षेप की अपील कर रहे हैं।
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