फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   illegal coal mining in Bengal's Raniganj several missing illegal extraction in Paschim Bardhaman district

West Bengal: बर्धमान जिले में कोयले की खदान ढहने से तीन की मौत, 10 लापता; घटना को लेकर छिड़ा राजनीतिक घमासान

Fri, 13 Oct 2023 02:37 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: श्वेता महतो Updated Fri, 13 Oct 2023 02:37 PM IST
सार

सीतारामपुर खनन सुरक्षा क्षेत्र 1 के महानिदेशक इरफान अहमद अंसारी अपनी टीम के साथ घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि यह एक वैध खदान है, लेकिन इसमें से अवैध तरीके से कोयला निकालने की कोशिश की जा रही थी। 

विज्ञापन
illegal coal mining in Bengal's Raniganj several missing  illegal extraction in Paschim Bardhaman district
अवैध कोयला खनन - फोटो : Social Media

विस्तार

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में अवैध खनन के दौरान एक कोयला खदान ढह जाने से कम से कम तीन की मौत तो वहीं अन्य 10 लोगों के लापता होने की आशंका है। पुलिस ने संदेह जताया है कि यह हादसा आसनसोल से लगभग 18 किमी दूर रानीगंज थाना क्षेत्र के एगरा ग्राम पंचायत में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) (ईसीएल) की नारायणकुरी कोलियरी में अवैध तरीके से कोयला निकाले जाने के दौरान हुई है।
विज्ञापन


मृतकों की पहचान दिनेश रुईदास (38), सुमीर बउरी (17) और सुराजित सेन (21) के तौर पर हुई है। ये तीनों ही घटनास्थल के आसपास के इलाकों के रहने वाले थे। मीडिया से बात करते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा, 'करीब 25 से 30 लोग अवैध तरीके से बुधवार की दोपहर खदान के भीतर घुसे। एक घंटे बाद ही खदान ढह गई, जिसमें कुछ लोग वहां से जान बचाकर निकलने में कामयाब रहे तो कुछ वहीं फंस गए। ईसीएल ने घटना की जांच शुरू कर दी है।' 
विज्ञापन


सीतारामपुर खनन सुरक्षा क्षेत्र 1 के महानिदेशक इरफान अहमद अंसारी अपनी टीम के साथ घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया, 'यह एक वैध खदान है, लेकिन इसमें से अवैध तरीके से कोयला निकालने की कोशिश की जा रही थी। तीन लोगों की मौत हो चुकी है, तो वहीं कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।'
विज्ञापन
विज्ञापन




घटना को लेकर छिड़ा राजनीतिक घमासान
इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक घमासान छेड़ दिया है। विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ सरकार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। वहीं टीएमसी ने इस घटना के लिए ईसीएल और  सीआईएसएफ की भूमिला पर सवाल उठाया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अग्निमित्रा पाल बुधवार की रात घटनास्थल पर पहुंचकर वहां धरना प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने रानीगंज पुलिस स्टेशन के सामने प्रदर्शन करते हुए मरने वालों के परिजनों को मुआवजे के तौर पर पांच लाख रुपये की मांग की है।

भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, 'यह टीएमसी नेताओं और प्रशासन के एक वर्ग के संरक्षण के कारण हो रहा है।' सीपीआई (एम) केंद्रीय समिति के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि खदान ईसीएल की होने के बावजूद अतिक्रमणकारी को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा उपलब्ध नहीं थी। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed