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IITF: उद्योग विभाग के सचिव ने कहा- झारखंड को आगे बढ़ाने में केंद्र से मिला पूरा सहयोग

Fri, 15 Nov 2024 06:36 PM IST
निर्मल कांत डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 15 Nov 2024 06:36 PM IST
सार

IITF: झारखंड के उद्योग विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने से हम बहुत उत्साहित हैं। यह वैश्विक स्तर पर पहुंच बनाने के लिए बहुत बड़ा मंच है।

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IITF: Secretary of Industries Department said received full support from Center taking Jharkhand forward
झारखंड के उद्योग विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार सिंह। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2024 में झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है। हमारे संवाददाता ने झारखंड के उद्योग विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार सिंह से मुलाकात कर यह जानने की कोशिश की कि कोयले और स्टील की खान कहे जाने वाले इस राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और आदिवासियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए क्या किया जा रहा है। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश- 
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प्रश्न- जितेंद्र कुमार सिंह जी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है। यहां से आपको क्या उम्मीदें हैं? 
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उत्तर- अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने से हम बहुत उत्साहित हैं। यह वैश्विक स्तर पर पहुंच बनाने के लिए बहुत बड़ा मंच है। यहां आने के बाद हम पूरी दुनिया से आने वाले पर्यटकों, निवेशकों और उद्यमियों के सामने झारखंड की ऐसी तस्वीर पेश कर सकते हैं जो उन्हें हमारे यहां (झारखंड में) निवेश के लिए प्रेरित करे। हम लोगों को यह भी बताना चाहते हैं कि झारखंड अब बहुत बदल गया है। यहां देश और दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से अनेक कंपनियां काम कर रही हैं, उत्पादन कर लाभ कमा रही हैं। अन्य निवेशकों को भी झारखंड आकर निवेश कर लाभ कमाना चाहिए। 
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प्रश्न- आप निवेशकों को अपने यहां बुला रहे हैं। झारखंड में निवेश के लिए क्या अवसर हैं? 
उत्तर- देखिए, झारखंड को प्रकृति का उपहार मिला हुआ है। हमारे यहां पूरे देश का लगभग 40 प्रतिशत प्राकृतिक सोर्स उपलब्ध है। 30 प्राकृतिक मिनरल हमारे यहां है। कोयला उत्पादन में हम देश में नंबर एक पर हैं, आयरन में नंबर दो पर हैं। देश का 25 प्रतिशत स्टील झारखंड से ही पैदा हो रहा है। स्टील उपलब्धता के कारण आठ से ज्यादा बड़ी ऑटो इंडस्ट्री हमारे यहां काम कर रही हैं। भौगोलिक स्थिति निवेश के लिए बहुत बेहतर है। देश के पूर्वी हिस्से में बसे इस राज्य में निवेश करने से उद्यमी अपने उत्पादों को देश के किसी भी कोने तक पहुंचा सकते हैं। हमारे यहां से 33 राष्ट्रीय राजमार्ग गुजर रहे हैं। रेलवे और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की कोई समस्या नहीं रह गई है। ऐसे में निवेश की दृष्टि से झारखंड सबसे बेहतर राज्य हैं। टाटा की तरह दूसरे उद्योगपति भी हमारे यहां आकर देश के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं।   

प्रश्न- क्या आप निवेशकों को यह भरोसा दिलाते हैं कि उन्हें झारखंड में लालफीताशाही का सामना नहीं करना पड़ेगा? 
उत्तर- लालफीताशाही अब गुजरे जमाने की बात है। अब राज्य आगे बढ़कर निवेशकों का स्वागत कर रहे हैं। हमने अलग-अलग क्लस्टर बनाकर लोगों को निवेश के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराए हैं। सभी आवश्यक क्षेत्रों में नियमों में विशेष बदलाव कर निवेशकों को सहूलियत दी जा रही है। हम मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार काम कर रहे हैं। अब झारखंड में आईआईएम, आईआईटी और अन्य संस्थानों के जरिए नए-नए युवाओं को अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। इससे हमारे यहां निवेश की बेहतर परिस्थितियां बन रही हैं। इसका लाभ झारखंड के साथ-साथ पूरे देश को मिल रहा है। 

प्रश्न- आप झारखंड में निवेश और उद्योगों की इतनी बड़ी बात कह रहे हैं, लेकिन राज्य की एक स्थिति यह भी है कि झारखंड के युवाओं को छोटी-छोटी नौकरियों के लिए भी दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों की ओर जाना पड़ रहा है। आदिवासियों की स्थिति आज भी दयनीय बनी हुई है। झारखंड के औद्योगीकरण का लाभ आम जनता और आदिवासियों तक कैसे पहुंचेगा? 
उत्तर- आप बिल्कुल ठीक बात कह रहे हैं। झारखंड आज भी देश के सबसे कम आर्थिक आय वाले राज्यों में शामिल है। लेकिन हम इसके लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हम स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर लोगों को लाभ पहुंचाने का काम कर रहे हैं। केवल रांची शहर में आठ हजार से ज्यादा महिलाएं गारमेंट सेक्टर में काम रही हैं। जॉकी जैसी कंपनियों के उत्पाद सीधे रांची में बनकर पूरे देश-दुनिया में एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं। इसी तरह के प्रयास हम राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कर रहे हैं। इसका लाभ धीरे-धीरे लोगों को मिल रहा है। हम इसे लगातार तेज करने का काम कर रहे हैं।   


प्रश्न- झारखंड में चुनाव चल रहे हैं। कई बार राजनीतिक दल इस तरह के आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं दे रही है जिससे उन्हें विकास करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहा है। आप प्रशासन में हैं। आपका अनुभव क्या कहता है?  
उत्तर- राज्य में चुनाव चल रहे हैं और राजनीति की बात अपनी जगह है। लेकिन व्यावहारिक अनुभव में केंद्र और राज्य हमेशा एक साथ मिलकर राज्यों को आगे बढ़ाने का काम करते हैं। केंद्र सरकार लगातार झारखंड पर फोकस कर रही है। राज्य सरकार की भी इसी तरह की प्राथमिकता रहती है। ऐसे में सहयोग को लेकर कभी कोई संकट नहीं होता। 
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