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आईआईटी बॉम्बे खुदकुशी मामला: एबीवीपी ने की गहन जांच की मांग, कहा- सच्चाई सामने आए, फिर दोषियों पर हो कार्रवाई

Wed, 23 Sep 2026 12:09 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 23 Sep 2026 12:09 PM IST
सार

आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में एबीवीपी ने गहन जांच की मांग की है। संगठन ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई हो। वहीं आईआईटीबीए ने निष्पक्ष और तेज जांच के साथ मीडिया ट्रायल से बचने की अपील की। 

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IIT Bombay suicide case: ABVP demands  investigation, says truth come out action should  against the guilty.
वीरेंद्र सिंह सोलंकी, एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने बुधवार को आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या की गहन जांच की मांग की। इस बात पर जोर दिया कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त किए बिना और सच्चाई का पता लगाए बिना कोई भी कार्रवाई करना उचित नहीं होगा, एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने पीटीआई को दिए एक विस्तृत साक्षात्कार में यह बात कही।
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वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा, 'हमारे कर्मचारी पहले से ही इसमें शामिल हैं। हमने जांच की मांग की है। मामले की पूरी जानकारी प्राप्त किए बिना और सच्चाई का पता लगाए बिना कोई भी कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। इसलिए, हमने पूरी जांच की मांग की है।' सोलंकी ने आगे कहा, ' जांच पूरी होने के बाद, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।'
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आईआईटीबीए ने क्या मांग की? 
वहीं, आईआईटी बॉम्बे एलुमनाई एसोसिएशन (आईआईटीबीए) ने निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की है। इसके साथ ही कहा है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई मीडिया ट्रायल, अटकलें या दुर्भावनापूर्ण निष्कर्ष नहीं निकाले जाने चाहिए।

साहिल के माता-पिता ने क्या मांग की? 
साहिल के माता-पिता ने आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। डूला को छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक मामलों के डीन पद से हटा दिया गया है। डूला के खिलाफ उकसाने और जातिगत भेदभाव के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।

आईआईटीबीए ने क्या कहा? 
आईआईटीबीए ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि संस्थान बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहा है। इसके छात्र, फैकल्टी सदस्य और स्टाफ ऐसे माहौल के हकदार हैं जो निष्पक्ष, समावेशी और सुरक्षित हो तथा उनकी भलाई में सहायक हो। उन्होंने आगे कहा,'हम इस दुखद घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और तेजी से जांच का पूरा समर्थन करते हैं। इसके साथ ही आग्रह करते हैं कि सभी प्रक्रियाएं पूरी निष्पक्षता और बिना किसी पूर्वाग्रह के की जाएं। हम किसी भी व्यक्ति के बारे में ऑनलाइन अटकलें लगाने, मीडिया ट्रायल या बुरे निष्कर्ष निकालने के खिलाफ जोरदार अपील करते हैं।'

बयान में कहा गया,'हम मानसिक स्वास्थ्य संसाधनों को मजबूत करने, कैंपस में लोगों की भलाई का ध्यान रखने और पूरे समुदाय में भरोसा फिर से कायम करने के लिए संस्थान के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं।'

क्या है पूरा मामला? 
दरअसल, एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बी.टेक के दूसरे साल के छात्र साहिल वाकोडे (22) 18 सितंबर की शाम को अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके पाए गए। मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़े जाने के कुछ ही घंटों बाद यह घटना हुई।

एक्टिविस्ट सुधींद्र कुलकर्णी ने क्या मांग की? 
वहीं, मंगलवार को उनके माता-पिता ने दावा किया कि साहिल ने अपनी जाति को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणियों के बारे में बताया था। आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र और एक्टिविस्ट सुधींद्र कुलकर्णी ने डूला के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत दर्ज मामले को वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि इस कानून का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल हुआ है और इसमें सुधार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बहस होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आईआईटी समेत उच्च शिक्षा संस्थानों को छात्रों का तनाव कम करने के लिए कैंपस लाइफ में लगातार सुधार करना चाहिए। साथ ही, उन्होंने हाशिए पर मौजूद समुदायों के छात्रों के लिए कोचिंग और पीयर-सपोर्ट (साथियों से मदद) जैसी पहल की जरूरत पर भी जोर दिया।

साहिल की मांग ने क्या कहा? 
हालांकि, साहिल वाकोडे के माता-पिता ने सभी सबूतों की गहन जांच और अपने बेटे की कथित आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनकी मां सोनाली वाकोडे ने दावा किया कि साहिल ने उन्हें बताया था कि जाति के आधार पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। उसके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था और उसे अपमानित किया जा रहा था।

उन्होंने दावा किया, 'उसने खास तौर पर हमें बताया था कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला कहते थे। 'मैं ऊंची जाति का हूं और तुम नीची जाति के हो।' साहिल ने जो बताया, उसके मुताबिक यह सब करीब तीन महीने से चल रहा था।' सोनाली वाकोडे ने बताया कि 13 सितंबर को जब वे हॉस्टल के कमरे में साहिल से मिले, तो उसने उन्हें बताया कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा था और उसके साथ दुर्व्यवहार हो रहा था।


पिता ने क्या कहा? 
साहिल के पिता रवींद्र वाकोडे ने कहा कि मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही सच सामने आएगा। छात्र की आत्महत्या के बाद कैंपस में विरोध-प्रदर्शन हुए, जिसके चलते पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।
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