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दो पाकिस्तानी हिंदू रिफ्यूजी भाइयों को दाखिला देने से इग्नू का इनकार

Thu, 06 Apr 2017 05:19 AM IST
amarujala.com, Presented By :संदीप भ्ाट्ट
amarujala.com, Presented By :संदीप भ्ाट्ट Updated Thu, 06 Apr 2017 05:19 AM IST
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IGNOU refuses to allow two Pakistani Hindu Refugee brothers
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी ने दो पाकिस्तानी हिंदू रिफ्यूजी भाइयों को दाखिला देने से इनकार कर दिया है। दोनों भाई जनवरी 2017 में पाकिस्तान से आकर दिल्ली में रह रहे हैं। दोनों भाइयों ने अब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से इस मामले में मदद मांगी है। उधर, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस मामले में विश्वविद्यालय से रिपोर्ट मांगी है। 
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कावेश कुमार और विकेश कुमार ने बताया कि वे पाकिस्तान से जनवरी 2017 में विजिटिंग वीजा लेकर भारत आए थे और अब वापस नहीं जाना चाहते हैं। इसीलिए हमने दिल्ली स्थित इग्नू में दाखिला लेने के लिए आवेदन पत्र भरा था।
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कावेश ने बताया कि उसने बोर्ड ऑफ इंटरनेशनल एंड सेकेंडरी एजुकेशन बीएस शुकर सिंध पाकिस्तान से 12वीं की परीक्षा मेडिकल क्षेत्र में पास की है। वहीं, विकेश ने बोर्ड ऑफ इंटरनेशनल एंड सेकेंडरी एजुकेशन बीएस शुकर सिंध पाकिस्तान से इंजीनियरिंग में 12वीं की परीक्षा पास कर रखी है। हम भारत में रहकर अपनी पढ़ाई और जिंदगी गुजारना चाहते है।
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हालांकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने हमें यह कहकर दाखिला देने से इनकार कर दिया कि आपके पास भारत में शिक्षा के लिए एजुकेशन वीजा नहीं। इसलिए पहले पाकिस्तान जाकर एजुकेशन वीजा लेकर आएं, उसके बाद ही दाखिला मिलेगा। दोनों छात्र अब  दिल्ली में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी शिविर में रह रहे हैं। 

दोनों छात्रों ने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले समाजसेवी व वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल से भी संपर्क किया था। इसके बाद अशोक अग्रवाल ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट कर इस मामले में दखल देते हुए दोनों पाकिस्तानी हिंदू रिफ्यूजी छात्रों की मदद करने की मांग रखी है।


अशोक अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार भी पाकिस्तानी हिदूं रिफ्यूजी की मदद करना चाहती है। क्योंकि पाकिस्तान में उन्हें बेहद प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। इस लिहाज से ऐसे छात्रों की मदद करनी चाहिए, ताकि वे भारत में रहकर उच्च शिक्षा की पढ़ाई करते हुए बेहतर भविष्य बना सकें।
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