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अगर कोरोना काल में हुआ चुनाव तो कोरियाई मॉडल हो सकता है लागू: चुनाव आयोग
Fri, 24 Apr 2020 03:35 AM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Fri, 24 Apr 2020 03:35 AM IST
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(फाइल)
- फोटो : ANI
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भारतीय चुनाव आयोग (ईसी) ने देश में कोरोना वायरस महामारी के चलते स्थगित चुनावों के आयोजन की राह खोजनी चालू कर दी है। आयोग इसके लिए दक्षिण कोरियाई चुनावी मॉडल को परख रहा है, जहां महामारी के बावजूद संसदीय चुनावों का आयोजन किया गया है। आयोग ने यह भी इशारा किया है कि वह इसके लिए दक्षिण कोरिया की तर्ज पर चुनावी प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव के लिए भी तैयार है।
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चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने बृहस्पतिवार को कहा, हमारे लोग चुनाव आयोजित करने के दौरान दक्षिण कोरिया की तरफ से प्रक्रिया में किए गए बदलावों का अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ईसी भी उन सभी संशोधनों का ध्यान रखेगा, जो कहीं पर चुनाव कराए जाने के दौरान करने आवश्यक हो गए। यदि कोरोना वायरस महामारी जल्द खत्म नहीं होती तो इससे चुनाव अभियान और चुनावी प्रक्रिया के प्रभावित होने के सवाल पर लवासा ने कहा, इसके लिए देश के स्वास्थ्य अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ सलाह करने के बाद सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह सब इस पर निर्भर होगा कि वर्तमान हालात कितना लंबा खिंचते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कहना बेहद जल्दबाजी होगी कि कोविड-19 भविष्य के भारतीय चुनावों को प्रभावित करेगा।
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हालांकि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत का मानना है कि वायरस का भविष्य के चुनावों पर कोई प्रभाव नहीं होगा। उन्होंने कहा, इससे पहले भी कई बार महामारियां फैली हैं, लेकिन सिस्टम में बिना किसी बदलाव के ही चुनाव कराए गए हैं। लेकिन एक अन्य पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी की सलाह है कि निर्वाचक मंडल को चुनाव कराने की मानक संचालन प्रक्रिया की समीक्षा करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन करना चाहिए।
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इन चुनावों पर प्रभाव
- मार्च में 18 राज्यसभा सीटों पर चुनाव करना पड़ा था स्थगित
- कई प्रदेशों में विधान परिषद की सीटों के उपचुनाव भी लंबित
- बिहार विधानसभा का चुनाव आयोजित होना है नवंबर में
पुराने निर्वाचन अधिकारियों की सलाह
- एक ही ब्रश से सभी मतदाताओं की अंगुली पर अमिट स्याही लगाने की समीक्षा हो
- दक्षिण कोरिया की तरह मतदाताओं के लिए मास्क-ग्लव्स पहनना और थर्मल स्कैनिंग के बाद ही बूथ में प्रवेश मिलना अनिवार्य हो
- बूथ पर सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन करना अनिवार्य किया जाए
- ईवीएम का बटन दबाने के लिए हर मतदाता को पेंसिल जैसी लकड़ी अलग-अलग दी जाए
- स्व एकांतवास में रखे गए लोगों को मतदान के समय के बाद बूथ पर बुलाकर मत डलवाया जाए