फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ICMR study: Cases of pneumonia in children reduced by 50% in eight years News In Hindi

आईसीएमआर का अध्ययन: बच्चों में निमोनिया के मामले आठ साल में 50 फीसदी घटे, संजीवनी बना पीसीवी टीकाकरण

Thu, 10 Jul 2025 06:07 AM IST
शुभम कुमार परीक्षित निर्भय
परीक्षित निर्भय Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 10 Jul 2025 06:07 AM IST
सार

भारत में बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए 2017 में शुरू किए गए न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) का असर अब दिखने लगा है। मामले में आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार, बीते आठ वर्षों में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में निमोकोकल मैनिंजाइटिस के मामलों में 50% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। पहले यह वैक्सीन सिर्फ 6 राज्यों में दी जाती थी, लेकिन 2021 से इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया।

विज्ञापन
ICMR study: Cases of pneumonia in children reduced by 50% in eight years News In Hindi
बच्चों में निमोनिया - फोटो : Freepik.com

विस्तार

नौनिहालों को निमोनिया से बचाने के लिए भारत के पीसीवी टीकाकरण का असर दिखने लगा है। बीते आठ साल में 50 फीसदी से ज्यादा संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है। यह जानकारी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने अपनी रिपोर्ट में दी है, जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ भी साझा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने बच्चों के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में साल 2017 में न्यूमोकोकल कंजुगेट टीका शामिल किया, जिसे पीसीवी कहा जाता है।
विज्ञापन


पहले चरण में इसे छह राज्यों में लागू किया गया, लेकिन साल 2021 में सरकार ने पूरे देश में लागू कर दिया। इस टीकाकरण का प्रभाव जानने के लिए आईसीएमआर और राष्ट्रीय जानपदिक रोग विज्ञान संस्थान ने अध्ययन शुरू किया जो देशभर के 32 अस्पतालों में पांच साल से कम उम्र के उन बच्चों पर आधारित रहा, जिन्हें मैनिंजाइटिस की आशंका के चलते भर्ती होना पड़ा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- रिपोर्ट: स्वच्छ ऊर्जा की तेज रफ्तार भी नहीं रोक पाई प्रदूषण, 2024 में फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा उत्सर्जन
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया बैक्टीरिया की वजह से बच्चों में निमोनिया और मैनिंजाइटिस जैसे संक्रमण होते हैं, जिनसे बचाव में न्यूमोकोकल कंजुगेट यानी पीसीवी टीका असरदार है। यह टीका बच्चों और कुछ खास बीमारियों से पीड़ित वयस्कों में इस्तेमाल किया जा सकता है। रिपोर्ट बताती है कि टीकाकरण के शुरू होने के बाद से पांच साल से कम उम्र के बच्चों में निमोकोकल मैनिंजाइटिस के मामलों में बड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है। इस बीमारी के कारण भारत में हर साल 17 से 30 फीसदी तक मासूम बच्चों की मौत हो रही है।

चार से घटकर 2.2 फीसदी पहुंचे मामले
इस अध्ययन का उद्देश्य यह समझना था कि क्या टीकाकरण के बाद मैनिंजाइटिस के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया में कोई बदलाव आया है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हेमंत शेवडे ने बताया कि अध्ययन के दौरान कुल 12,901 बच्चों में से 2.7% (करीब 348) में निमोकोकल मैनिंजाइटिस की पुष्टि हुई। पहले भारत में इन मामलों की दर करीब चार फीसदी थी, जो अब टीकाकरण शुरू होने के बाद 2.2% रह गई। जो बच्चे संक्रमित हुए उनमें 81% बच्चे ठीक हुए, जबकि 6.2% की अस्पताल में मृत्यु हुई। लगभग 12% इलाज अधूरा छोड़ कर घर चले गए।


ये भी पढ़ें:- आपदा प्रबंधन में भारत बना वैश्विक उदाहरण: प्रधान सचिव बोले- PM मोदी के नेतृत्व में घटी मौतें; बढ़ी राहत क्षमता

न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा विपक्ष: भाजपा
नई दिल्ली। सत्तारूढ़ भाजपा ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का पुरजोर समर्थन करते हुए बुधवार को इस प्रक्रिया के खिलाफ राज्य में बंद आहूत करने के लिए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। भाजपा ने सवाल किया कि क्या वे चाहते हैं  कि रोहिंग्या समेत अवैध घुसपैठिए चुनाव में मतदान करें। मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां  एक संवाददाता सम्मेलन में बिहार बंद के पीछे की मंशा पर सवाल उठाया और विपक्षी दलों से पूछा कि क्या वे इस तरह की रणनीति के जरिये न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने पूछा कि विपक्षी इंडिया गठबंधन मतदाता सूची के संशोधन का विरोध क्यों कर रहा है? क्या वे ऐसे लोगों को लिस्ट में रखना चाहते हैं जो वहां के निवासी नहीं हैं या जिनके नाम गलत तरीके से दर्ज किए गए हैं? उन्होंने कहा, चाहे वो रोहिंग्या हों या कोई और, जो लोग गलत तरीके से वोटर बने हैं, उन्हें हटाया जाना चाहिए। अगर वोटर लिस्ट की समीक्षा ईमानदारी से हो रही है, तो फिर विपक्ष को क्या दिक्कत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed