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ICMR Report: आधे से ज्यादा कैंसर मरीजों की न रेडियोथेरेपी, न मिला इलाज; आईसीएमआर की रिपोर्ट में खुलासा

Thu, 24 Jul 2025 05:29 AM IST
शिव शुक्ला परीक्षित निर्भय
परीक्षित निर्भय Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 24 Jul 2025 05:29 AM IST
सार

आईसीएमआर ने भारत के कैंसर रजिस्ट्री डाटा का इस्तेमाल करते हुए अपने अध्ययन में पाया कि लगभग 58.4% कैंसर मरीजों को रेडियोथेरेपी की आवश्यकता होती है लेकिन वास्तव में केवल 28.5% मरीजों तक यह सुविधा मिल पा रही है। यह अध्ययन बीएमसी कैंसर मेडिकल जर्नल में प्रकाशित भी हुआ है।

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ICMR report reveals: More than half of cancer patients neither got radiotherapy nor treatment
कैंसर। - फोटो : Freepik.com

विस्तार

भारत में आधे से ज्यादा कैंसर मरीजों को रेडियोथेरेपी का इलाज नहीं मिल पा रहा है। यह जमीनी हालात ऐसे समय में सामने आया है जब देश के हर जिले में कैंसर चिकित्सा को बढ़ावा देने के दावे किए जा रहे हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है, जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी सौंपी गई है। रिपोर्ट में आईसीएमआर ने हाल ही में हुए उनके एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा है कि भारत में कैंसर से जूझ रहे मरीजों की एक बड़ी संख्या अब भी एक जरूरी इलाज रेडियोथेरेपी से वंचित है।

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दरअसल आईसीएमआर ने भारत के कैंसर रजिस्ट्री डाटा का इस्तेमाल करते हुए अपने अध्ययन में पाया कि लगभग 58.4% कैंसर मरीजों को रेडियोथेरेपी की आवश्यकता होती है लेकिन वास्तव में केवल 28.5% मरीजों तक यह सुविधा मिल पा रही है। यह अध्ययन बीएमसी कैंसर मेडिकल जर्नल में प्रकाशित भी हुआ है। यह स्थिति तब है जब वैश्विक कैंसर के कुल मामलों में भारत का योगदान 7% है, जो चीन और अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर है।
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हैरान कर रहे जमीनी हालात
एनसीडीआईआर के निदेशक डॉ. प्रशांत माथुर का कहना है कि इस अध्ययन के दौरान जमीनी हालात काफी हैरानी से भरे हैं। कैंसर चिकित्सा को लेकर देश के सभी जिलों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के बीच काफी असमानता है। कई जिलों के सरकारी अस्पतालों में मशीनें मौजूद हैं लेकिन वह चालू हालात में नहीं हैं। इसके अलावा, भारत में 2241 टेलीथैरेपी इकाइयों, 4034 विकिरण ऑन्कोलॉजिस्ट, 2241 चिकित्सा भौतिकविदों और 6723 विकिरण चिकित्सकों की तत्काल जरूरत है तभी जिला स्तर पर कैंसर चिकित्सा सेवाओं को बेहतर किया जा सकता है।
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मशीन कम, जरूरतें ज्यादा
जिलेवार स्थिति की समीक्षा करने पर पता चला है कि भारत में वर्तमान में केवल 794 मेगा वोल्टेज रेडियोथेरेपी मशीन हैं, जबकि देश की जनसंख्या को देखते हुए कम से कम 1,450 से 2,500 मशीनों की आवश्यकता है।

फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे मरीजों का हाल बुरा
रिपोर्ट के मुताबिक, कैंसर से जूझ रहे मरीजों के इलाज में भी भारी असमानता है। 78.5% में केवल 23.6% को रेडियोथेरेपी का उपचार मिल पाया है। यानी फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे 55% रेडियोथेरेपी मिल रही है। इसी तरह 44% स्तन कैंसर, 38% गर्भाशय ग्रीवा कैंसर रोगियों को यह सुविधा नहीं मिल पाई।


भारत में कैंसर के खिलाफ लड़ाई अधूरी : शोधकर्ता
आईसीएमआर के कर्नाटक स्थित राष्ट्रीय रोग सूचना विज्ञान एवं अनुसंधान केन्द्र के शोधकर्ताओं ने कैंसर चिकित्सा को लेकर निष्कर्ष साझा किए हैं। उनका यह अध्ययन न केवल चिकित्सा संसाधनों की कमी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारत में कैंसर की लड़ाई अभी अधूरी है।

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