कोरोना: अब निजी प्रयोगशाला में भी होगा टेस्ट, घर बैठे मिलेगी जांच सुविधा
भारतीय चिकित्सा शोध परिषद (आईसीएमआर) के प्रमुख बलराम भार्गव ने कहा है कि कोरोना वायरस के देश में फैलने के हालात अभी दूसरे चरण पर हैं। लेकिन यदि हम हर मोर्चे पर सख्ती बरतें तो तीसरे चरण में प्रवेश रोका जा सकता है। इससे बचने के लिए सरकार के सख्त उपायों की भूमिका अहम है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि हम कितनी सख्ती से हम अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को बंद रख पाते हैं और सरकार ने इस दिशा में कितनी सक्रियता से काम किया है। हालांकि उन्होंने पूरी उम्मीद जताई कि हम तीसरे चरण में प्रवेश नहीं करेंगे। गौरतलब है कि कोरोना के वायरस के फैलने के चार चरण होते हैं। तीसरा चरण सामुदायिक संक्रमण को बताता है। उन्होंने कहा कि बीते 14 दिनों में विदेश की यात्रा करने वाले ऐसे लोग मरीज, जिनमें लक्षण तो नहीं हैं लेकिन अगर उनमें कोई लक्षण विकसित होता है तो उन्हें अवश्य ही जांच करानी चाहिए।
प्राइवेट लैब कर सकेंगी जांच
भार्गव ने कहा कि कोरोना वायरस की जांच के लिए निजी लैबों को भी इजाजत दी जाएगी। इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं कि एनएबीएल से मान्यता प्राप्त लैबों को इस काम की अनुमति मिल जाए। उन्होंने कहा कि वह सभी प्राइवेट लैब वालों से अनुरोध करते हैं कि रोग का पता लगाने के काम की फीस नहीं ली जाए। निजी एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब जल्द ही कामकाज करने लगेंगी। गौरतलब है कि वर्तमान में केवल सरकारी लैब को ही जांच करने की अनुमति है। अनुमान है कि मान्यता प्राप्त 60 लैबों को जांच की इजाजत मिल सकती है। सरकारी लैबोें में रोजाना करीब 600 नमूने की जांच की जा रही है। फिलहाल जांच के 60 हजार उपकरण उपलब्ध हैं और अतिरिक्त दो लाख किट के आदेश दिए गए हैं।
रैपिड टेस्ट से आएगी तेजी
आईसीएमआर निदेशक ने कहा कि, परिषद दो उच्च क्षमता वाली प्रणाली को चालू कर रहा है। ये लैब तेजी से जांच करने की क्षमता से युक्त होंगी। इन्हें दो जगहों पर लगाया जा रहा है और इनमें 1400 नमूनों की रोजाना जांच हो सकेगी। ये इस सप्ताह के अंत तक काम करना शुरू कर देंगी। अभी सरकारी क्षेत्र में 72 आईसीएमआर लैब उपलब्ध हैं और इस महीने के आखिर तक 49 लैब और सक्रिय हो जाएंगी।
तीसरे चरण में नहीं आने देंगे कोरोना : महाराष्ट्र स्वास्थ्य मंत्री
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने मंगलवार को कोरोना के मसले पर उच्च स्तरीय बैठक की और कहा कि कठोर कदम उठाए जाएं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोरोना और न फैल सके। टोपे ने कहा कि अभी हम दूसरे चरण में हैं लेकिन कठोर कदमों को अपना कह हमें ये तय कर देना होगा कि यह तीसरे चरण में न पहुंचे। इस बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र के अलावा कारपोरेट जगत के लोग भी शामिल थे। उन्होंने कारपोरेट जगत से कहा कि वह दिशा में सरकार को सहयोग दे। टोपे ने बताया कि निजी क्षेत्र ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। वे कर्मचारियों से घर से काम करने का निर्देश देकर पहले से ही सहयोग कर रहे हैं।