IAF: भारतीय उप वायुसेना प्रमुख ने तेजस ट्रेनर विमान में भरी उड़ान, राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र का किया दौरा
एयर मार्शल दीक्षित वायुसेना के आत्मनिर्भरता अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। उप प्रमुख दीक्षित एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं। वह लड़ाकू विमानों के विकास और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भारतीय वायुसेना वर्तमान में एलसीए एमके-1 विमान का संचालन कर रहा है।
विस्तार
भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने पहले एलसीए तेजस ट्रेनर एयरक्राफ्ट में उड़ान भरी। उन्होंने तेजस की क्षमताओं का आकलन किया। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि उप प्रमुख स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजनाओं के प्रगति का निरीक्षण करने के लिए राष्ट्रीय उड़ान परीक्षण केंद्र, एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के तेजस डिवीजन का दौरा किया।
#WATCH | Karnataka | Deputy Chief of the Air Staff Air Marshal Ashutosh Dixit today flew in the LCA Trainer aircraft which is undergoing final developmental test sorties during his visit to National Flight Test Centre, Aeronautical Development Agency and Hindustan Aeronautics… pic.twitter.com/XBmIUZ6EFX
— ANI (@ANI) June 15, 2023विज्ञापन
एचएएल ने ट्रेनर विमान के उत्पादन की स्थिति के बारे में दी जानकारी
एयर मार्शल दीक्षित वायुसेना के आत्मनिर्भरता अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। उप प्रमुख दीक्षित एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं। वह लड़ाकू विमानों के विकास और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। भारतीय वायुसेना वर्तमान में एलसीए एमके-1 विमान का संचालन कर रहा है। वहीं, 83 एलसीए एमके-1 (ए) विमान के ऑर्डर लंबित हैं। तेजस डिवीजन के दौरे पर पहुंचे दीक्षित को एचएएल ने ट्रेनर विमान के उत्पादन की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उप वायुसेना प्रमुख को एलसीए एमके-1 (ए) के डिलीवरी के बारे में भी बताया। उप वायुसेना प्रमुख ने एलसीएच प्रचंड के उत्पादन स्थिति के बारे में भी जानकारी एकत्रित की। 10 एलसीएच की डिलीवरी भी पूरी होने वाली है।
फ्रांस से वापस लौटी भारतीय वायुसेना
पिछले सप्ताह, वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि फ्रांस में आयोजित हुए बहुराष्ट्रीय अभ्यास से भारतीय वायुसेना हाल में ही वापस भारत लौटी है। भारत ने अपने जखीरे से राफेल को फ्रांस भेजा था। इसके साथ ही भारत की इकलौती महिला राफेल पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह भी युद्धाभ्यास में शामिल हुई थीं। फ्रांस में अमेरिका, इंग्लैंड और नाटो देशों सहित कई राष्ट्रों की वायु सेना आई थी। फ्रांस से लौटकर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी ने कहा था कि मुझे युद्धाभ्यास में शामिल होकर बहुत खुशी हुई। यहां मुझे दूसरे देशों के लड़ाकू विमान पायलटों से मिलने का मिलने का मौका मिला। वहीं फ्लाइट लेफ्टिनेंट जेवियर ने बताया कि भारतीय पायलट दूसरे देशों की तुलना में काफी बेहतर हैं।