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27 मई से तमिलनाडु के सुलुर बेस पर शुरू होगी तेजस लड़ाकू विमानों की दूसरी स्क्वाड्रन
Mon, 25 May 2020 10:58 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rohit Ojha
Updated Mon, 25 May 2020 10:58 PM IST
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स्वदेशी विमान तेजस (फाइल फोटो)
- फोटो : Deb Rana
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कोयंबटूर के पास स्थित सुलुर एयरबेस पर भारतीय वायु सेना स्वदेश में निर्मित अपने हल्के लड़ाकू विमान तेजस की दूसरी स्क्वाड्रन के संचालन की शुरुआत बुधवार को करेगी। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया 18वीं स्क्वाड्रन के संचालन की शुरुआत करेंगे। इस स्क्वाड्रन का कूट नाम ‘फ्लाइंग बुलेट्स’ रखा गया है।
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वायुसेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि स्क्वाड्रन में हल्के लड़ाकू विमान तेजस को शामिल किया जाएगा और तेजस विमानों वाली भारतीय वायु सेना की यह दूसरी स्क्वाड्रन होगी। तेजस चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है जिसे एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित किया गया है।
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भारतीय वायु सेना ने पहले ही 40 तेजस विमानों का ऑर्डर दिया है और जल्दी ही एचएएल को 83 और विमानों का ऑर्डर दिया जा सकता है जिसमें लगभग 38,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वायु सेना की 18वीं स्क्वाड्रन की स्थापना 1965 में की गई थी और इसका आदर्श वाक्य है ‘तीव्र और निर्भय।’
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पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाने वाली इस स्क्वाड्रन को 15 अप्रैल 2016 को सेवा मुक्त कर दिया गया था और इससे पहले इसमें मिग-27 विमान शामिल थे। स्क्वाड्रन को एक अप्रैल 2020 को पुनः शुरू किया गया था। इस स्क्वाड्रन को नवंबर 2015 में राष्ट्रपति द्वारा ध्वज प्रदान किया गया था।