भारतीय वायुसेना को इस्राइली गाइडेड बम स्पाइस 2000 के नए संस्करण की पहली खेप मिली
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भारतीय वायुसेना (आईएएफ) को सितंबर के महीने में इस्राइल से हवा से जमीन में मार करने वाले गाइडेड बम स्पाइस-2000 के उन्नत संस्करण की पहली खेप मिल गई है। भारत और इस्राइल के बीच इस साल जून में हस्ताक्षर किए गए लगभग 300 करोड़ रुपये के अनुबंध के तहत यह बम भारत को दिए जा रहे हैं।
Indian Air Force (IAF) sources: IAF starts receiving the new version of the Spice 2000 bombs from Israel. The first batch of the new version of the bombs was delivered to India recently. (file pic) pic.twitter.com/k5HyYOKUN0
— ANI (@ANI) September 15, 2019विज्ञापन
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इसी महीने भारत आएंगे। माना जा रहा है कि सितंबर के दूसरे सप्ताह में होने वाली उनकी इस यात्रा के दौरान अवाक्स (एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) और हवा से हवा में मार करने वाली डर्बी मिसाइल का सौदा भी हो सकता है। भारतीय वायुसेना को डर्बी मिसाइलों की आवश्यकता भी है।
उम्मीद की जा रही है कि नेतन्याहू के दौरे में अवाक्स और डर्बी के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण रक्षा सौदों को अमली जामा पहनाया जा सकता है। बता दें कि 17 सितंबर को ही इस्राइल में आम चुनाव हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नेतन्याहू का यह भारत दौरा काफी अहम माना जा रहा है।
फिलहाल भारत के पास पांच अवाक्स सिस्टम हैं। भारत दो और अवाक्स सिस्टम खरीदना चाहता है। युद्ध के हालात बनने पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए भारत की योजना ये अवाक्स सिस्टम रूसी विमान ए-50 पर लगाने की है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। बता दें कि पाकिस्तान के पास चीन के सात अवाक्स सिस्टम हैं।
बालाकोट एयर स्ट्राइक में भारतीय वायुसेना ने 'बिल्डिंग ब्लास्टर' नाम से मशहूर इसी बम का सफल इस्तेमाल किया था। यह बम किसी बिल्डिंग को पूरी तरह ध्वस्त करने की क्षमता रखता है। यह बम मिराज-2000 फाइटर एयरक्राफ्ट के घरेलू बेस ग्वालियर को हासिल हुआ है क्योंकि यही एयरक्राफ्ट इस्राइली बमों को दागने में सक्षम है।