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सिक्किम के विवादित हिस्से में 1 घंटे में पहुंच सकता है IAF का सुपर हरक्यूलिस एयरक्राफ्ट
टीम डिजिटल अमर उजाला
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:17 AM IST
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चीन के साथ डोकलाम को लेकर चल रहे विवाद के बीच भारतीय वायुसेना अपनी ताकत के इजाफे में कोई कमी नहीं छोड़ रही है। बॉर्डर पर चीन की नापाक गतिविधियों से निपटने के लिए C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान तैयार किया गया है। वायुसेना के वाइस मार्शल विक्रम सिंह का कहना है कि सुपर हरक्यूलिस युद्ध में अहम रोल निभाने की क्षमता रखता है।
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बता दें कि कोलकाता से 150 किलोमीटर दूर पनागढ़ स्थित अर्जन सिंह एयरपोर्ट स्टेशन पर ये एयरक्राफ्ट तैयार किया गया है। गाजियाबाद में हिंडन के बाद पनागढ़ देश में दूसरी जगह है जहां C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान का बेस है। वायुसेना का कहना है कि तेज रफ्तार से चलने वाला एयरक्राफ्ट कम समय में ही युद्ध क्षेत्र में पहुंचने की क्षमता रखता है।
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साथ ही इसकी एक और खासियत यह है कि यह चीन के साथ लगी नियंत्रण रेखा पर आसानी से निगरानी और कार्रवाई कर सकता है, जहां रनवे छोटे होने की वजह से विमानों के लिए उड़ान भरना आसान नहीं होता।
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साथ ही इसे उन जगहों पर भी उतारा जा सकता है, जहां सेना के बाकी विमान उतर नहीं सकते। सेना के मुताबिक ये मॉर्डन एयरक्राफ्ट फुरतीली एयरलिफ्ट और एयरड्रोप क्षमताओं के चलते एक बड़ी छलांग है। चीन के साथ लोहा लेने की बात पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि एयरक्राफ्ट को किसी मुख्य उद्देश्य के लिए नहीं बनाया गया है, पर ये सिक्किम के विवादित हिस्से पर एक घंटे में पहुंच सकता है।
बता दें कि वायुसेना अपना 84वां एयरफोर्स डे 8 अक्तूबर को मनाने जा रही है उससे ठीक एयरक्राफ्ट का तैयार होना एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। एयर वाइस मार्शल का कहना है कि इसमें इंफ्रा-रेड सेंसर है जो पायलट की कई मायनों में मदद करता है। इस सेंसर की मदद से रात में भी एयरक्राफ्ट को सटीकता से उड़ाया जा सकता है।