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'भूकंप की तरह कांप उठी धरती': चश्मदीद ने बताया आंखों देखा हाल, असम विमान हादसे में देश ने खो दिए पांच जांबाज
Sat, 13 Jun 2026 07:56 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, जोरहाट।
एएनआई, जोरहाट।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 13 Jun 2026 07:56 PM IST
सार
असम के जोरहाट में शनिवार सुबह वायुसेना का एएन-32 विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। इस हादसे में दो सैन्य अधिकारियों सहित पांच जवान बलिदान हो गए, जिनकी पहचान जारी कर दी गई है। चश्मदीदों के मुताबिक क्रैश से पहले विमान से धुआं निकला और तेज धमाके के साथ धरती कांप उठी।
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असम विमान हादसा
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना का एक एएन-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में वायुसेना के दो अधिकारियों सहित कुल पांच कर्मी बलिदान हो गए हैं। यह विमान सुबह करीब 10:00 बजे जोरहाट एयरफील्ड पर उतरने का प्रयास कर रहा था, तभी हादसे का शिकार हो गया।
'भूकंप की तरह कांप उठी धरती': चश्मदीद की जुबानी
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बेहद खौफनाक मंजर देखा। एक चश्मदीद ने हादसे की भयावहता बयां करते हुए बताया, 'एक विमान यहां आया और लैंड करने लगा। लैंडिंग से ठीक पहले उससे सफेद धुआं निकला। इसके तुरंत बाद विमान से काला धुआं निकलने लगा और जोर से आवाज होने लगी। उस तेज आवाज के बाद पूरा इलाका इस तरह हिलने लगा जैसे कोई बड़ा भूकंप आ गया हो। जब लोग वहां इकट्ठा हुए, तब देखा कि वहां एक विमान दुर्घटनाग्रस्त पड़ा था।'
रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
इस बड़े हादसे के बाद देश और राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वायुसेना के पांचों जांबाज जवानों को नमन किया। हादसे में बलिदान हुए वायुसेना के पांच वीर योद्धाओं के नाम इस प्रकार हैं।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के प्रति इन जांबाज जवानों के साहस और सेवा को हमेशा गर्व और कृतज्ञता के साथ याद रखा जाएगा। दुख की इस घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम सरकार सैन्य अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह भी पढ़ें: असम: वायुसेना विमान हादसे में पांच जवान बलिदान, जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ था AN-32 मालवाहक
राहुल गांधी ने भी व्यक्त किया दुख
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम में हुए वायुसेना के इस दर्दनाक विमान हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि असम में भारतीय वायुसेना के विमान हादसे में हमारे पांच वीर जवानों की बलिदान की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। देश की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन जांबाज सैनिकों को मैं नमन करता हूं। दुख की इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शहीद परिवारों के साथ हैं। पूरा देश इस अपार शोक में उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
पुराने हो रहे एएन-32 विमानों को बदलने की तैयारी
एएन-32 एक जुड़वां इंजन वाला सैन्य मालवाहक विमान है। भारतीय वायुसेना दुर्गम, ऊंचे और सुदूर इलाकों में रसद पहुंचाने, सामान ढोने और परिचालन सहायता के लिए लंबे समय से इसका इस्तेमाल करती आ रही है। हालांकि, अब इन विमानों की उम्र काफी ज्यादा हो चुकी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वायुसेना अपने पुराने होते जा रहे एएन-32 और आईएल-76 परिवहन विमानों को बदलने की योजना पर काम कर रही है। भविष्य की रणनीतिक और सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए 'मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट' (एमटीए) कार्यक्रम के तहत नए विमानों को बेड़े में शामिल करने की तैयारी है। भारतीय वायुसेना ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा है कि विस्तृत विवरण का इंतजार किया जा रहा है।
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'भूकंप की तरह कांप उठी धरती': चश्मदीद की जुबानी
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बेहद खौफनाक मंजर देखा। एक चश्मदीद ने हादसे की भयावहता बयां करते हुए बताया, 'एक विमान यहां आया और लैंड करने लगा। लैंडिंग से ठीक पहले उससे सफेद धुआं निकला। इसके तुरंत बाद विमान से काला धुआं निकलने लगा और जोर से आवाज होने लगी। उस तेज आवाज के बाद पूरा इलाका इस तरह हिलने लगा जैसे कोई बड़ा भूकंप आ गया हो। जब लोग वहां इकट्ठा हुए, तब देखा कि वहां एक विमान दुर्घटनाग्रस्त पड़ा था।'
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रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
इस बड़े हादसे के बाद देश और राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वायुसेना के पांचों जांबाज जवानों को नमन किया। हादसे में बलिदान हुए वायुसेना के पांच वीर योद्धाओं के नाम इस प्रकार हैं।
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- स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह
- फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार
- सार्जेंट जितेंद्र शर्मा
- अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत
- अग्निवीरवायु दानिश आलम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के प्रति इन जांबाज जवानों के साहस और सेवा को हमेशा गर्व और कृतज्ञता के साथ याद रखा जाएगा। दुख की इस घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम सरकार सैन्य अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह भी पढ़ें: असम: वायुसेना विमान हादसे में पांच जवान बलिदान, जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ था AN-32 मालवाहक
राहुल गांधी ने भी व्यक्त किया दुख
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने असम में हुए वायुसेना के इस दर्दनाक विमान हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि असम में भारतीय वायुसेना के विमान हादसे में हमारे पांच वीर जवानों की बलिदान की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। देश की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन जांबाज सैनिकों को मैं नमन करता हूं। दुख की इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शहीद परिवारों के साथ हैं। पूरा देश इस अपार शोक में उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
पुराने हो रहे एएन-32 विमानों को बदलने की तैयारी
एएन-32 एक जुड़वां इंजन वाला सैन्य मालवाहक विमान है। भारतीय वायुसेना दुर्गम, ऊंचे और सुदूर इलाकों में रसद पहुंचाने, सामान ढोने और परिचालन सहायता के लिए लंबे समय से इसका इस्तेमाल करती आ रही है। हालांकि, अब इन विमानों की उम्र काफी ज्यादा हो चुकी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वायुसेना अपने पुराने होते जा रहे एएन-32 और आईएल-76 परिवहन विमानों को बदलने की योजना पर काम कर रही है। भविष्य की रणनीतिक और सैन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए 'मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट' (एमटीए) कार्यक्रम के तहत नए विमानों को बेड़े में शामिल करने की तैयारी है। भारतीय वायुसेना ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा है कि विस्तृत विवरण का इंतजार किया जा रहा है।