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नसीहत: शरद पवार ने किया इंदिरा गांधी की हत्या का जिक्र, बोले- देश ने अतीत में चुकाई है पंजाब को परेशान करने की कीमत
Sat, 16 Oct 2021 11:02 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, पुणे
पीटीआई, पुणे
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 16 Oct 2021 11:02 PM IST
सार
पवार ने कहा कि केंद्र सरकार को मेरी सलाह है कि पंजाब के किसानों को परेशान न होने दें, यह एक सीमावर्ती राज्य है। अगर ऐसा किया गया तो इसके अलग परिणाम होंगे।
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एनसीपी प्रमुख शरद पवार (file photo)
- फोटो : PTI
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विस्तार
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने किसान प्रदर्शन और कृषि कानूनों को लेकर आज फिर केंद्र सरकार को घेरा। पवार ने कहा कि केंद्र सरकार को नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को संवेदनशीलता के साथ संभालना चाहिए। उसे ध्यान रखना चाहिए कि अधिकांश प्रदर्शनकारी एक सीमावर्ती राज्य पंजाब से हैं।
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खालिस्तान आतंकवाद के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने अतीत में पंजाब को परेशान करने की कीमत चुकाई है। पिंपरी चिंचवाड़ में पत्रकारों से बात करते हुए पवार दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आंदोलन के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं वहां (विरोध स्थल पर) दो-तीन बार जा चुका हूं। केंद्र सरकार का रुख तर्कसंगत नहीं लगता। आंदोलन में भाग लेने वाले हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से हैं, लेकिन उनमें से ज्यादातर पंजाब से हैं।
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उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को मेरी सलाह है कि पंजाब के किसानों को परेशान न होने दें, यह एक सीमावर्ती राज्य है। अगर हम किसानों और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को परेशान करेंगे, तो इसके अलग परिणाम होंगे। राकांपा प्रमुख ने कहा, हमारे देश ने पंजाब को परेशान करने की कीमत चुकाई है, यहां तक कि (तत्कालीन प्रधानमंत्री) इंदिरा गांधी की भी जान चली गई। दूसरी ओर पंजाब के किसानों, चाहे वे सिख हों या हिंदू, दोनों ने खाद्य आपूर्ति में अहम योगदान दिया है।
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पवार बोले- उद्धव को सीएम बनाने के लिए मैंने डाला था जोर
इसके साथ ही शरद पवार ने कहा कि उन्होंने ही दो साल पहले महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के गठन के बाद उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाने पर जोर दिया था। उनका यह बयान भाजपा नेता व पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के इस दावे के बाद आया कि ठाकरे ने सीएम बनने की महत्वाकांक्षाओं को अपने अंदर पाला था, लेकिन किसी शिव सैनिक को इस पद पर बैठाने की बात कहते रहे।
पुणे जिले के पिंपरी चिंचवाड़ शहर में पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने अपने आरोपों को दोहराया कि केंद्र महाराष्ट्र में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने के लिए विभिन्न एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ईंधन की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर चुप है। उन्होंने भगवा पार्टी पर कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम नहीं करने का आरोप लगाया।
पवार ने कहा, ठाकरे को तीन दलों (एमवीए) के नेताओं द्वारा चुना गया था। एमवीए का गठन मेरे व कई लोगों के योगदान से हुआ था। जब हमने एमवीए बनाने और गठबंधन के नेतृत्व पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की, तो मैंने उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने पर जोर डाला था। मैंने इन लोगों को बचपन से देखा है। शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे और मेरे बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हम करीब थे।