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हैदराबाद: पुलिस कमिश्नर ने दी सफाई- लोगों की निजता में दखल देना हमारा इरादा नहीं, जानें मामला
Sat, 30 Oct 2021 02:38 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, हैदराबाद।
एजेंसी, हैदराबाद।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 30 Oct 2021 02:38 AM IST
सार
अंजनी कुमार का कहना है कि नागरिकों की निजता अत्यंत महत्वपूर्ण है और पुलिस इसमें दखल देने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि बढ़ते डिजिटल युग में अपराधियों और हैकर्स के लैपटॉप, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सोशल मैसेजिंग साइटें खंगाले ही जाते हैं और यह भारतीय कानून की अनिवार्यता भी है।
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पुलिस कमिश्नर अंजनी कुमार
- फोटो : twitter@ANI
विस्तार
देश में बढ़ते अपराध और पुलिस जांच पर उठते सवालों के बीच हैदराबाद के पुलिस आयुक्त अंजनी कुमार ने नागरिकों की निजता में पुलिस की दखलंदाजी को खारिज कर दिया है।
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अंजनी कुमार ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘जहां तक आम कानून का पालन करने वाले नागरिकों की निजता का सवाल है, यह सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र है। देश में कहीं भी किसी पुलिस अधिकारी की इसमें घुसपैठ करने की कोई मंशा नहीं है। लेकिन जहां तक उपद्रवियों, अपराधियों, हैकर्स का सवाल है, अगर हमें उनके कब्जे में कुछ मिलता है, तो हमें जांचना होगा कि वह क्या है और यह हमारी प्रमुख जिम्मेदारी है।’
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हैदराबाद के पुलिस आयुक्त का यह बयान शहर में लोगों के फोन चेक करते पुलिस कांस्टेबलों का एक वीडियो वायरल होने के बाद आया है। उन्होंने कहा कि जांच में अपराधियों के वस्तुओं में लैपटॉप, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सोशल मैसेजिंग साइटें आदि से लेकर कुछ भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि यह पुलिस में किसी के खिलाफ शिकायतें दर्ज होने पर और तलाशी अभियान के दौरान ही जांच के दायरे में आते हैं।
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बकौल अंजनी, ‘गंभीर और सनसनीखेज अपराध के कुछ मामलों में, जब आरोपी के भागने की संभावना होती है, पुलिस अपराध स्थल पर पाए गए या पकड़े गए अपराधियों के पास उपलब्ध सभी वस्तुओं की जांच करती है। उस समय हमें नहीं पता होता है कि गिरोह के सदस्य कौन हैं और कौन काम करने वाले हैं।
इस प्रकार, साक्ष्य के दृश्य में जो कुछ भी पाया जाता है, उसकी तुरंत जांच की जाती है।’ उन्होंने पुलिस की जिम्मेदारी को दोहराते हुए कहा कि गवाह ही नहीं बल्कि उनके पास मौजूद सामानों की भी जांच जरूरी है। पुलिस आयुक्त ने आगे जोर देकर कहा कि अपराधियों के साझेदारों को पकड़ने के लिए अपराधियों के कब्जे में सभी वस्तुओं की जांच करना महत्वपूर्ण है।
रात्रि में छिपे संदिग्ध की पहचान की जिम्मेदारी पुलिस की, तलाशी जरूरी
पुलिस आयुक्त कुमार ने कहा, ‘इसी तरह, कभी-कभी तलाशी लेना भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब कोई संदिग्ध व्यक्ति रात में वहां छिप जाता है, जिसकी पहचान पुलिस को नहीं होती है, तो पहचान स्थापित करने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। यह भारतीय कानून द्वारा अनिवार्य है और इस प्रक्रिया में अगर उसे यह संदिग्ध लगता है तो वह उसकी तलाशी भी ले सकता है।’
वास्तविक जीवन की घटना के साथ अपने बयान का समर्थन करते हुए, उन्होंने कहा कि उत्तर-क्षेत्र की एक घटना में, एक आरोपी, जिससे पूछताछ की जा रही थी, ने एक कांस्टेबल पर चाकू से वार किया क्योंकि उसकी पहले तलाशी नहीं ली गई थी।