{"_id":"637642e81a6dfd04e15da2e3","slug":"hyderabad-police-busts-gang-issuing-fake-arms-licenses","type":"story","status":"publish","title_hn":"Telangana: हैदराबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, हथियारों के जाली लाइसेंस जारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Telangana: हैदराबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, हथियारों के जाली लाइसेंस जारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
Thu, 17 Nov 2022 07:49 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 17 Nov 2022 07:49 PM IST
सार
नगर पुलिस आयुक्त (हैदराबाद) सी.वी. आनंद ने बताया कि ये गिरोह लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों की फर्जी मुहर (सील) का इस्तेमाल कर था। उन्होंने बताया, गिरोह ने हथियारों के लाइसेंस के लिए जाली हस्ताक्षर तैयार किए थे।
विज्ञापन
गिरोह (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हैदराबाद पुलिस ने हथियारों के जाली लाइसेंस जारी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह में सात सदस्य थे। इनका मुख्य सरगना जम्मू का रहने वाला है।
विज्ञापन
नगर पुलिस आयुक्त (हैदराबाद) सी.वी. आनंद ने बताया कि ये गिरोह लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों की फर्जी मुहर (सील) का इस्तेमाल कर था। उन्होंने बताया, गिरोह ने हथियारों के लाइसेंस के लिए जाली हस्ताक्षर तैयार किए थे। इनके आधार पर असली हथियार खरीद लिए थे।
विज्ञापन
गिरोह के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना पर उसने कार्रवाई की और पश्चिम जोन के जवानों ने गिरोह को पकड़ा। उनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी मुहर बनाने, आपराधिक साजिश रचने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
आरोपियों से भारी मात्रा में हथियार और दस्तावेज जब्त
आरोपियों से 35 हथियार, 140 कारतूस और 34 जाली लाइसेंस व अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना की पहचान अल्ताफ हुसैन के रूप में हुई है। अल्ताफ नौकरी की तलाश में 2013 में हैदराबाद आया था और एक निजी सुरक्षा कंपनी में काम करने लगा था। उसे नकदी लाने-जाने वाली एक कंपनी में गनमैन के तौर पर तैनात किया गया था।
रिश्वत देकर मजिस्ट्रेट कार्यालय से खरीदी राइफल
उन्होंने बताया कि अल्ताफ ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले से जाली लाइसेंस के आधार पर एक राइफल खरीदी थी, जो उसने स्थानीय मजिस्ट्रेट कार्यालय में घूस देकर हासिल की थी। पुलिस के मुताबिक, हुसैन लाइसेंस प्रक्रिया को अच्छी तरह जानता था। इसलिए उसने सिकंदराबाद में मुहर बनाने वाले से सांठगांठ की। फिर जाली लाइसेंस जारी करना शुरू कर दिया।