कर्नाटक: घोड़े के अंतिम संस्कार में जुटे सैकड़ों लोग, कोरोना प्रतिबंधों की उड़ी धज्जियां, अब होगी कार्रवाई
कर्नाटक में कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने लॉकडाउन लागू कर रखा है, लेकिन रविवार को बेलगावी में एक घोड़े की अंतिम यात्रा पर 100 से भी ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस घटना से जिला प्रशासन हैरान है और भीड़ में शामिल हुए लोगों पर कार्रवाई करने की बात कही गई है।
विस्तार
कर्नाटक में कोरोना महामारी का प्रकोप अब भी जारी है। यहां हर रोज कोरोना के मामलों का ग्राफ बढ़ रहा है और लोग काल के गाल में समा रहे हैं। अन्य राज्यों की तरह कर्नाटक भी कोरोना के बढ़ते केसों से बुरी तरह जूझ रहा है। ऐसे में राज्य सरकार ने पहले से लागू लॉकडाउन की तिथि को सात जून तक बढ़ा दिया है, लेकिन इसी बीच रविवार (23 मई) को बेलगावी जिले के एक गांव में अपनी जान की परवाह न करते हुए लोगों ने लॉकडाउन के नियमों का जमकर उल्लंघन किया। दरअसल, जिले के मराडीमठ गांव में एक घोड़े की मौत के बाद उसके अंतिम यात्रा में 100 से भी ज्यादा लोगों की भीड़ जुट गई। भीड़ में एकत्रित लोगों ने सभी कोरोना प्रतिबंधों की जमकर धज्जियां उड़ाईं, जिसके बाद जिला प्रशासन ने इलाके को सील कर दिया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
मालूम हो कि मराडीमठ गांव के कदसिद्देश्वर आश्रम से जुड़ी इस घटना का वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और घटना क्षेत्र के आसपास के 400 घरों वाले इस गांव को सील कर दिया। कोन्नूर में तहसीलदार प्रकाश होलेप्पागोल ने बताया कि बस्ती में निवासियों की कोरोना जांच भी कराई जा रही है।
The district administration will look into this incident, and action will be taken: Karnataka Home Minister Basavaraj Bommai on hundreds gathered for the funeral of a horse in Belagavi yesterday pic.twitter.com/6aZPXVrs3K
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 24, 2021
घोड़े से जुड़ी थी लोगों की आस्था
बता दें, जिस घोड़े की अंतिम यात्रा में इतनी भीड़ जुटी, वह कोई आम घोड़ा नहीं था बल्कि वह गांव के एक स्थानीय देवता को समर्पित था। इस घोड़े पर लोगों की भरपूर आस्था थी। यही वजह रही कि इस घोड़े की मौत के बाद उसकी अंतिम यात्रा में स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी के अनुसार घोड़े की मौत बीते शुक्रवार (21 मई) की रात को हुई। वहीं, शनिवार (22 मई) को घोड़े की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों लोग जमा हो गए। इन लोगों को कोरोना से देश में मचे हाहाकार का भी खयाल नहीं रहा और सभी ने बेखौफ होकर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन किया। वहीं, एक अधिकारी के अनुसार लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।