फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hundreds of billions dollars negotiation between the Taliban and the ISI for Jadhav

जाधव के लिए तालिबान-ISI के बीच हुई करोड़ों डॉलर की सौदेबाजी

Sat, 20 May 2017 08:05 AM IST
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 20 May 2017 08:05 AM IST
विज्ञापन
Hundreds of billions dollars negotiation between the Taliban and the ISI for Jadhav

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का कारण बने कुलभूषण जाधव के लिए तालिबान और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के बीच करोड़ों डॉलर की सौदेबाजी हुई थी। पिछले साल फरवरी में पहले तालिबान ने एक सुन्नी कट्टरपंथी संगठन की मदद से जाधव को ईरान से अगवा किया और आईएसआई के हाथों बेच दिया। पाक के इस प्रपंच की जानकारी पक्की हो जाने के बाद भारत कूटनीतिक स्तर पर ईरान के साथ इस सच्चाई को उजागर करने की कवायद में जुटा है। 

विज्ञापन


भारत की इन्हीं कोशिशों के तहत ईरान ने पाक से जाधव तक राजनयिक पहुंच और पूछताछ की इजाजत मांगी है। खुफिया एजेंसी के उच्च पदस्थ सूत्र ने अमर उजाला से इसकी पुष्टि की है कि तालिबान आतंकियों के एक गुट ने ईरान-पाकिस्तान सीमा पर सक्रिय एक सुन्नी कट्टरपंथी गुट के मिलकर जाधव का अपरहण किया था।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक, अभी यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह अपहरण पाक सेना या आईएसआई के इशारे पर किया गया या तालिबान ने इसे अंजाम देकर सौदे की पेशकश की। सूत्रों ने बताया कि यह सौदेबाजी डॉलर में हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ईरान की खुफिया एजेंसी मिनिस्ट्री ऑफ इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी (एमओआईएस) की जांच में उजागर हुए इन तथ्यों को भारत के साथ साझा किया गया है। इसी आधार पर पाकिस्तान में ईरान के राजनयिक मोहम्द रफी ने 10 मई को क्वेटा में यह जानकारी दी कि उनकी सरकार ने पाकिस्तान से जाधव से पूछताछ की इजाजत मांगी।

लेकिन पाक पाकिस्तान ने इसे तवज्जो नहीं दी। सूत्रों के मुताबिक, ईरान में चुनाव के बाद इस मामले में ठोस कदम उठाए जाएंगे। गौरतलब है कि भारतीय नौसेना से रिटायर होने के बाद जाधव ईरान में व्यापार करता था।

पाक सेना जाधव को फांसी देकर दबाना चाहती है मामला

Hundreds of billions dollars negotiation between the Taliban and the ISI for Jadhav

पूर्व कैबिनेट सचिव और अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नरेश चंद्रा ने जाधव के अपहरण की बात को सही ठहराया है। चंद्रा ने कहा कि भारत ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में अपहरण की थ्योरी को पुख्ता तरीके से रखा है।

चंद्रा के मुताबिक, यह बड़ी वजह है कि आईसीजे ने भी जाधव की गिरफ्तारी के पाक के दावे पर गंभीर सवाल खड़ा किया है। चंद्रा ने कहा कि जाधव के खिलाफ जासूसी के पुख्ता सबूत नहीं होने की बात पाक पीएम नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने साफ तौर पर कही थी। लेकिन सेना जाधव को फांसी देकर पूरे मामले को दबाने की कोशिश में है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed