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West Bengal Elections: टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर को बदलना पड़ा पार्टी का नाम, जानें क्या है वजह

Mon, 02 Mar 2026 11:27 AM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 02 Mar 2026 11:27 AM IST
सार

चुनाव आयोग की आपत्ति के बाद पश्चिम बंगाल के निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी का नाम 'आम जनता उन्नयन पार्टी' रखा है। पहले वाले नाम से दूसरी पार्टी पहले ही रजिस्टर्ड थी। टीएमसी से निलंबित कबीर अब इस नई पार्टी के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

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Humayun Kabir renames party name to ajup after election commission rejects jup West Bengal politics
टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर। - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की अल्पसंख्यक बहुल भरतपुर विधानसभा सीट से विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी का नाम बदल दिया है। चुनाव आयोग ने उनके प्रस्तावित दल के नाम को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। कबीर ने शुरुआत में अपनी पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) रखा था। निर्वाचन आयोग ने इस नाम को स्वीकार नहीं किया। आयोग का कहना था कि इस नाम से पहले ही एक राजनीतिक दल पंजीकृत है। इसके बाद कबीर ने अपनी पार्टी का नया नाम 'आम जनता उन्नयन पार्टी' (एजेयूपी) घोषित किया है।
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क्या है पूरा मामला?
हुमायूं कबीर ने सोमवार को इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने पिछले हफ्ते उनके पुराने नाम (जेयूपी) की सिफारिश दिल्ली भेजी थी। लेकिन दिल्ली स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय ने सूचित किया कि यह नाम पहले से किसी और के पास है। इसके बाद कबीर खुद अपने प्रतिनिधियों के साथ दिल्ली गए और नया और नए नाम एजेयूपी का प्रस्ताव दिया।
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क्यों हुआ था टीएमसी से निलंबन?
इस सबसे पहले, हुमायूं कबीर के निलंबन की कहानी भी काफी चर्चा में रही थी। तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें बेलडांगा में एक मस्जिद के शिलान्यास की घोषणा के बाद बाहर का रास्ता दिखाया था। कबीर ने कहा था कि वह इस मस्जिद को अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को ढहाई गई बाबरी मस्जिद के डिजाइन जैसा बनाएंगे। इस बयान के बाद विवाद बढ़ा और पार्टी ने उन पर कार्रवाई की।

निलंबन के बाद 22 दिसंबर 2025 को कबीर ने अपनी नई पार्टी बनाने का एलान किया था। उन्होंने पार्टी के मुख्य पदाधिकारियों के नामों की घोषणा भी कर दी। कबीर इस साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ लड़ने के लिए दूसरे दलों से गठबंधन करने की अपील भी की है।

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