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'रेजीनगर में जीतेगी भाजपा': हुमायूं कबीर ने की भविष्यवाणी, राजनीति से संन्यास लेने का संकेत देकर कह दी ये बात
Wed, 07 Oct 2026 05:04 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Wed, 07 Oct 2026 05:04 PM IST
सार
आम जनता उन्नयन पार्टी के विधायक हुमायूं कबीर ने कहा है कि सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद पर रहने तक वह पश्चिम बंगाल विधानसभा के किसी सत्र या बैठक में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने रेजीनगर उपचुनाव के दौरान अपनी हिरासत और पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई।
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एजेयूपी प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
रेजीनगर में मतदान के दौरान पुलिस के साथ तीखी झड़प के बाद गिरफ्तारी के एक दिन बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और नाओदा से विधायक हुमायूं कबीर बुधवार को मीडिया के सामने भावुक हो गए। उन्होंने चुनावी राजनीति से दूर होने के संकेत दिए और दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल रेजीनगर सीट पर भाजपा जीत हासिल करेगी।
एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को कहा कि जब तक शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री हैं, मैं पश्चिम बंगाल विधानसभा नहीं जाऊंगा और सदन के किसी भी सत्र में शामिल नहीं होऊंगा। उन्होंने कहा, "मैं मुर्शिदाबाद जिले की नाओदा विधानसभा सीट के लोगों से माफी भी मांगूंगा। जरूरत पड़ी तो मैं अपने राजनीतिक जीवन से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले लूंगा।"
इस साल हुए विधानसभा चुनाव में कबीर मुर्शिदाबाद जिले की नाओदा और रेजीनगर, दोनों सीटों से निर्वाचित हुए थे। बाद में उन्होंने नाओदा सीट अपने पास रखने का फैसला किया और रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया। रेजीनगर सीट पर मंगलवार को उपचुनाव हुआ।
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उपचुनाव में मतदान के दौरान हिरासत में लिए गए थे हुमायूं कबीर
मतदान के दौरान मंगलवार सुबह कबीर को रेजीनगर में गिरफ्तार किया गया था। उन पर एक मतदान केंद्र से दूसरे केंद्र पर कथित तौर पर बिना अनुमति जाने, मतदाताओं को प्रभावित करने, पुलिसकर्मियों को धमकाने और ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी का कॉलर पकड़ने के आरोप लगाए गए।
रेजीनगर उपचुनाव में उनके बेटे गोलाम नबी आजाद आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार हैं। कबीर को रेजीनगर थाने में करीब 12 घंटे तक हिरासत में रखा गया और बाद में रिहा कर दिया गया। इसके एक दिन बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में विधानसभा से दूरी बनाए रखने की बात कही।
हुमायूं कबीर ने पुलिस द्वारा हिरासत में लेने पर खड़े किए सवाल
कबीर ने कहा, "क्या यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है, जहां कोई पुलिस उपनिरीक्षक किसी विधायक को जबरन उठाकर बिना किसी ठोस कारण के 12 घंटे तक हिरासत में रख सकता है? मैं पिछले दो महीनों से रेजीनगर के लोगों के साथ सुवेंदु अधिकारी के अधीन पुलिस द्वारा किए गए व्यवहार का विरोध करता हूं। अधिकारी मुख्यमंत्री होने के साथ राज्य के पुलिस मंत्री भी हैं। हुमायूं कबीर उनके जैसे पुलिस मंत्री की दया पर राजनीति नहीं करेगा।"
उन्होंने कहा कि वह नाओदा विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सेवा का काम जारी रखेंगे, लेकिन विधानसभा नहीं जाएंगे। कबीर ने कहा कि वह विधानसभा की अल्पसंख्यक मामलों की समिति, सदन की समिति, कार्य सलाहकार समिति, किसी सर्वदलीय बैठक या विधानसभा अध्यक्ष की ओर से बुलाई गई किसी बैठक में भी शामिल नहीं होंगे।
विधानसभा में खाली रहेगी 88 नंबर की सीट : हुमायूं कबीर
उन्होंने कहा, "सदन में मेरे लिए आरक्षित 88 नंबर की सीट अब खाली रहेगी। किसी राजनीतिक दल का प्रमुख अपने ही पार्टी कार्यालय में सुरक्षित नहीं है। पुलिस मुझे वहां से घसीटकर ले गई। यही कारण है कि मेरा मन इस लोकतांत्रिक मजाक को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।" कबीर ने कहा कि आने वाले दिनों में वह नाओदा के लोगों की राय लेंगे। उन्होंने कहा कि यदि लोग उन्हें अनुमति देते हैं तो वह विधायक पद भी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, "अगर लोग मुझसे कहेंगे तो मैं सक्रिय राजनीति भी छोड़ दूंगा।"
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एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर ने बुधवार को कहा कि जब तक शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री हैं, मैं पश्चिम बंगाल विधानसभा नहीं जाऊंगा और सदन के किसी भी सत्र में शामिल नहीं होऊंगा। उन्होंने कहा, "मैं मुर्शिदाबाद जिले की नाओदा विधानसभा सीट के लोगों से माफी भी मांगूंगा। जरूरत पड़ी तो मैं अपने राजनीतिक जीवन से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले लूंगा।"
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इस साल हुए विधानसभा चुनाव में कबीर मुर्शिदाबाद जिले की नाओदा और रेजीनगर, दोनों सीटों से निर्वाचित हुए थे। बाद में उन्होंने नाओदा सीट अपने पास रखने का फैसला किया और रेजीनगर से इस्तीफा दे दिया। रेजीनगर सीट पर मंगलवार को उपचुनाव हुआ।
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उपचुनाव में मतदान के दौरान हिरासत में लिए गए थे हुमायूं कबीर
मतदान के दौरान मंगलवार सुबह कबीर को रेजीनगर में गिरफ्तार किया गया था। उन पर एक मतदान केंद्र से दूसरे केंद्र पर कथित तौर पर बिना अनुमति जाने, मतदाताओं को प्रभावित करने, पुलिसकर्मियों को धमकाने और ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी का कॉलर पकड़ने के आरोप लगाए गए।
रेजीनगर उपचुनाव में उनके बेटे गोलाम नबी आजाद आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार हैं। कबीर को रेजीनगर थाने में करीब 12 घंटे तक हिरासत में रखा गया और बाद में रिहा कर दिया गया। इसके एक दिन बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में विधानसभा से दूरी बनाए रखने की बात कही।
हुमायूं कबीर ने पुलिस द्वारा हिरासत में लेने पर खड़े किए सवाल
कबीर ने कहा, "क्या यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है, जहां कोई पुलिस उपनिरीक्षक किसी विधायक को जबरन उठाकर बिना किसी ठोस कारण के 12 घंटे तक हिरासत में रख सकता है? मैं पिछले दो महीनों से रेजीनगर के लोगों के साथ सुवेंदु अधिकारी के अधीन पुलिस द्वारा किए गए व्यवहार का विरोध करता हूं। अधिकारी मुख्यमंत्री होने के साथ राज्य के पुलिस मंत्री भी हैं। हुमायूं कबीर उनके जैसे पुलिस मंत्री की दया पर राजनीति नहीं करेगा।"
उन्होंने कहा कि वह नाओदा विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सेवा का काम जारी रखेंगे, लेकिन विधानसभा नहीं जाएंगे। कबीर ने कहा कि वह विधानसभा की अल्पसंख्यक मामलों की समिति, सदन की समिति, कार्य सलाहकार समिति, किसी सर्वदलीय बैठक या विधानसभा अध्यक्ष की ओर से बुलाई गई किसी बैठक में भी शामिल नहीं होंगे।
विधानसभा में खाली रहेगी 88 नंबर की सीट : हुमायूं कबीर
उन्होंने कहा, "सदन में मेरे लिए आरक्षित 88 नंबर की सीट अब खाली रहेगी। किसी राजनीतिक दल का प्रमुख अपने ही पार्टी कार्यालय में सुरक्षित नहीं है। पुलिस मुझे वहां से घसीटकर ले गई। यही कारण है कि मेरा मन इस लोकतांत्रिक मजाक को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।" कबीर ने कहा कि आने वाले दिनों में वह नाओदा के लोगों की राय लेंगे। उन्होंने कहा कि यदि लोग उन्हें अनुमति देते हैं तो वह विधायक पद भी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, "अगर लोग मुझसे कहेंगे तो मैं सक्रिय राजनीति भी छोड़ दूंगा।"