{"_id":"68483b29f8d6e72882031aed","slug":"how-much-jammu-kashmir-changed-in-11-years-2654-stone-pelting-incidents-in-2010-not-a-single-case-in-2024-2025-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी 3.0: 11 साल में कितना बदला जम्मू कश्मीर? 2010 में पथराव की 2654 घटनाएं; 2024 में एक भी मामला नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मोदी 3.0: 11 साल में कितना बदला जम्मू कश्मीर? 2010 में पथराव की 2654 घटनाएं; 2024 में एक भी मामला नहीं
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 11 साल के कार्यकाल के दौरान जम्मू कश्मीर में भी कई बड़े बदलाव हुए हैं। 2004-2014 तक जम्मू कश्मीर में उक्त घटनाओं के चलते 2829 मौतें हुई। 2014-2024 के बीच में 920 मौतें हुई। इनमें 68 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी के 11 साल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल के दौरान जम्मू कश्मीर में भी कई बड़े बदलाव हुए हैं। 2004-2014 तक जम्मू कश्मीर में आतंक एवं तोड़फोड़ की 7217 घटनाएं हुई थी। 2014-2024 के बीच में 2242 घटनाएं हुई। इनमें 69 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। 2004-2014 तक जम्मू कश्मीर में उक्त घटनाओं के चलते 2829 मौतें हुई। 2014-2024 के बीच में 920 मौतें हुई। इनमें 68 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। नागरिकों की मृत्यु की बात करें तो यह सख्यां 2004-2014 के बीच में 1769 रही थी। 2014-2024 के बीच में 344 मौतें हुई। इनमें 81% की कमी आ गई। 2010 में पत्थराव की 2654 घटनाएं हुई थी। इनमें 6200 से ज्यादा सिविल एवं सुरक्षा बलों के व्यक्ति घायल हुए। 2024 में पत्थराव एक भी मामला नहीं हुआ।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2014 में जब मोदी जी ने देश की बागडोर संभाली, तब देश में पॉलिसी पैरालिसिस था। न नीतियां थीं, न नेतृत्व था और सरकार में घोटाले चरम पर थे। अर्थव्यवस्था जर्जर और शासन व्यवस्था दिशाहीन थी। जनसेवा के 11 वर्ष में 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' से देश के विकास की स्पीड और स्केल दोनों को बदला गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, किसानों, महिलाओं, पिछड़ों, दलितों और वंचितों को शासन के केंद्र में लाए और तुष्टीकरण की जगह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की कार्य संस्कृति बनाई।
अमित शाह ने कहा कि 11 वर्ष जनसेवा के में राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में भी मील का पत्थर सिद्ध हुए हैं। नक्सलवाद अपनी अंतिम साँसे गिन रहा है, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में शांति की स्थापना हुई है, भारत अब आतंकी हमलों का जवाब आतंकियों के घर में घुस कर देता है। यह मोदी सरकार में भारत की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। मोदी 3.0 में नया भारत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की शक्ति से विकसित और आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। देशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर हर क्षेत्र में नंबर 1 भारत बनाने की यह यात्रा ऐसे ही जारी रहेगी।
विज्ञापन
2004-2014 के बीच में जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के 1060 जवानों/अधिकारियों की मृत्यु हो गई। 2014-2024 के बीच में यह आंकड़ा 576 पर पहुंच गया। इस आंकड़े में 46% की कमी आ गई। जम्मू कश्मीर में 2010 के दौरान स्टोन पेल्टिंग यानी पत्थराव की 2654 संगठित घटनाएं हुई थी। 2024 में यह संख्या जीरो थी। 2010 के दौरान 132 संगठित हड़तालें हुई। 2024 में यह आंकड़ा शून्य पर था। 2010 में स्टोन पेल्टिंग में 112 नागरिकों की मौत हो गई। 2024 में यह संख्या जीरो थी।
लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया
लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया के तहत 2019 में ब्लाक विकास परिषद् के चुनाव में रिकॉर्ड 98.3% मतदान हुआ। 34,260 जन प्रतिनिधि (पंच-सरपंच/ पार्षद/परिषद के सदस्य) चुने गए। दोनों चुनावों में एक भी हिंसा की घटना नहीं हुई। 78 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव भी शांतिपूर्वक हुए। संसदीय आम चुनाव 2024 और विधानसभा चुनाव, 2024 क्रमशः 58.46% और 63.0% के संयुक्त मतदाता मतदान के साथ शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किए गए।
ये भी पढ़ें: Samwad 2025: 'वह दिन दूर नहीं, जब पूरा कश्मीर एक होगा', अमर उजाला संवाद में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
जम्मू कश्मीर में पर्यटन का विकास:
वर्ष 2022 में जम्मू-कश्मीर में 1 करोड़ 88 लाख पर्यटक दौरे दर्ज किए गए
• वर्ष 2023 में जम्मू-कश्मीर में 2 करोड़ 11 लाख पर्यटक दौरे दर्ज किए गए।
• वर्ष 2024 के दौरान 65 हजार विदेशी पर्यटकों सहित 2 करोड़ 36 लाख पर्यटक दौरे दर्ज किए गए ।
जम्मू और कश्मीर में हुए बड़े बदलाव ...
• धारा 370 एवं 35A को निरस्त किया गया
• एक संविधान, एक राष्ट्रीय ध्वज, एक प्रधानमंत्री
• दो दरबार परंपरा समाप्त (सालाना 400 करोड़ रुपये की बचत)
• कश्मीरी, डोगरी, हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी राजभाषाएं बनाई गई।
• पत्थरबाजी खत्म
• 33 साल बाद सिनेमा हॉल खुले
• 34 साल बाद मुहर्रम का झूलुस निकला
• श्रीनगर में फॉर्मूला-4 कार रेसिंग
• भ्रष्टाचार रोकने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो
• एक समान केन्द्रीय कानून
• पठानकोट नाका परमिट खत्म
• जी-20 की बैठक सफलता पूर्वक आयोजन
• हर घर तिरंगा अभियान
• श्रीनगर में फॉर्मूला-4 कार रेसिंग
• लाल चौक पर तिरंगा
• कुपवाड़ा के माता शारदा देवी मंदिर में दशकों बाद दिवाली मनाई
• माता खीर भवानी का ज्येष्ठ अष्टमी मेला
• आतंकवादी महिमामंडन पर प्रतिबन्ध: सार्वजनिक जनाजे पर पाबन्दी
• आतंक के समर्थक को सरकारी नौकरीयों से हटाया
• बार काउन्सिल में आतंकी समर्थकों पर कार्रवाई
• आतंकी समर्थक – सरकारी रोजगार, पासपोर्ट, गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्ट हेतु अयोग्य
विज्ञापन
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2014 में जब मोदी जी ने देश की बागडोर संभाली, तब देश में पॉलिसी पैरालिसिस था। न नीतियां थीं, न नेतृत्व था और सरकार में घोटाले चरम पर थे। अर्थव्यवस्था जर्जर और शासन व्यवस्था दिशाहीन थी। जनसेवा के 11 वर्ष में 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' से देश के विकास की स्पीड और स्केल दोनों को बदला गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, किसानों, महिलाओं, पिछड़ों, दलितों और वंचितों को शासन के केंद्र में लाए और तुष्टीकरण की जगह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की कार्य संस्कृति बनाई।
विज्ञापन
अमित शाह ने कहा कि 11 वर्ष जनसेवा के में राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में भी मील का पत्थर सिद्ध हुए हैं। नक्सलवाद अपनी अंतिम साँसे गिन रहा है, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में शांति की स्थापना हुई है, भारत अब आतंकी हमलों का जवाब आतंकियों के घर में घुस कर देता है। यह मोदी सरकार में भारत की बदलती तस्वीर को दर्शाता है। मोदी 3.0 में नया भारत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की शक्ति से विकसित और आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। देशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर हर क्षेत्र में नंबर 1 भारत बनाने की यह यात्रा ऐसे ही जारी रहेगी।
विज्ञापन
2004-2014 के बीच में जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के 1060 जवानों/अधिकारियों की मृत्यु हो गई। 2014-2024 के बीच में यह आंकड़ा 576 पर पहुंच गया। इस आंकड़े में 46% की कमी आ गई। जम्मू कश्मीर में 2010 के दौरान स्टोन पेल्टिंग यानी पत्थराव की 2654 संगठित घटनाएं हुई थी। 2024 में यह संख्या जीरो थी। 2010 के दौरान 132 संगठित हड़तालें हुई। 2024 में यह आंकड़ा शून्य पर था। 2010 में स्टोन पेल्टिंग में 112 नागरिकों की मौत हो गई। 2024 में यह संख्या जीरो थी।
लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया
लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया के तहत 2019 में ब्लाक विकास परिषद् के चुनाव में रिकॉर्ड 98.3% मतदान हुआ। 34,260 जन प्रतिनिधि (पंच-सरपंच/ पार्षद/परिषद के सदस्य) चुने गए। दोनों चुनावों में एक भी हिंसा की घटना नहीं हुई। 78 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव भी शांतिपूर्वक हुए। संसदीय आम चुनाव 2024 और विधानसभा चुनाव, 2024 क्रमशः 58.46% और 63.0% के संयुक्त मतदाता मतदान के साथ शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किए गए।
ये भी पढ़ें: Samwad 2025: 'वह दिन दूर नहीं, जब पूरा कश्मीर एक होगा', अमर उजाला संवाद में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
जम्मू कश्मीर में पर्यटन का विकास:
वर्ष 2022 में जम्मू-कश्मीर में 1 करोड़ 88 लाख पर्यटक दौरे दर्ज किए गए
• वर्ष 2023 में जम्मू-कश्मीर में 2 करोड़ 11 लाख पर्यटक दौरे दर्ज किए गए।
• वर्ष 2024 के दौरान 65 हजार विदेशी पर्यटकों सहित 2 करोड़ 36 लाख पर्यटक दौरे दर्ज किए गए ।
जम्मू और कश्मीर में हुए बड़े बदलाव ...
• धारा 370 एवं 35A को निरस्त किया गया
• एक संविधान, एक राष्ट्रीय ध्वज, एक प्रधानमंत्री
• दो दरबार परंपरा समाप्त (सालाना 400 करोड़ रुपये की बचत)
• कश्मीरी, डोगरी, हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी राजभाषाएं बनाई गई।
• पत्थरबाजी खत्म
• 33 साल बाद सिनेमा हॉल खुले
• 34 साल बाद मुहर्रम का झूलुस निकला
• श्रीनगर में फॉर्मूला-4 कार रेसिंग
• भ्रष्टाचार रोकने के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो
• एक समान केन्द्रीय कानून
• पठानकोट नाका परमिट खत्म
• जी-20 की बैठक सफलता पूर्वक आयोजन
• हर घर तिरंगा अभियान
• श्रीनगर में फॉर्मूला-4 कार रेसिंग
• लाल चौक पर तिरंगा
• कुपवाड़ा के माता शारदा देवी मंदिर में दशकों बाद दिवाली मनाई
• माता खीर भवानी का ज्येष्ठ अष्टमी मेला
• आतंकवादी महिमामंडन पर प्रतिबन्ध: सार्वजनिक जनाजे पर पाबन्दी
• आतंक के समर्थक को सरकारी नौकरीयों से हटाया
• बार काउन्सिल में आतंकी समर्थकों पर कार्रवाई
• आतंकी समर्थक – सरकारी रोजगार, पासपोर्ट, गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्ट हेतु अयोग्य
Modi 3.0, Jammu Kashmir , stone pelting incidents ,