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Bomb Threat: रूसी विमान में बम की खबर के बाद IAF ने मिशन मोड में चलाया अभियान, महज 50 मिनट में बनाया प्लान
Tue, 10 Jan 2023 10:40 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 10 Jan 2023 10:40 PM IST
सार
हवाई अड्डे के निदेशक के अनुसार आपात स्थिति में उतरने के 15 घंटे से अधिक समय बाद मंगलवार (10 जनवरी) को दोपहर करीब 1 बजकर 20 मिनट पर सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर विमान ने जामनगर हवाईअड्डे से उड़ान भरी। हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विमान दोपहर 2 बजकर 39 मिनट पर गोवा के डाबोलिम हवाईअड्डे पर उतरा।
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मॉस्को-गोवा की फ्लाइट में बम की सूचना थी अफवाह
- फोटो : ANI
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विस्तार
मॉस्को से गोवा जा रहे चार्टर्ड विमान में बम होने की सूचना के बाद हड़कंप मच गया था। जिसके बाद तत्काल इसकी जामनगर में आपात लैंडिंग करवाई गई और सुरक्षा दस्ते ने मोर्चा संभालते हुए विमान के अंदर जांच की। हालांकि जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, वायुसेना के जवानों ने विमान के कोने-कोने की बेहद बारीकी से जांच की और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद विमान को गोवा के लिए रवाना किया गया। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि भारतीय वायुसेना ने रूसी विमान को सुरक्षित रखने के लिए कैसे मोर्चा संभाला।
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सूचना पर तत्काल एक्शन में आई वायुसेना
एयर पोर्ट के अधिकारियों ने रूसी अजूर एयर विमान को सुरक्षित रखने के मिशन के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि गोवा एटीसी के पास एक मेल आया था, जिसमें विमान में बम होने की सूचना दी गई थी। इस सूचना के मिलते ही भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने जामनगर सैन्य हवाई अड्डे पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया और विमान को जामनगर में हवाई अड्डे पर एक अलग स्थान पर ले जाने के बाद भारतीय वायुसेना के अधिकारियों के निर्देश पर ग्राउंड स्टाफ और गरुड़ विशेष बल के जवानों ने 236 यात्रियों को विमान से सुरक्षित निकाला।
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एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मिशन को अंजाम देने के लिए भारतीय वायुसेना के पास बहुत कम समय था। क्योंकि विमान के बारे में जानकारी मिलने के बाद और विमान के जामनगर में लैंड करने तक वायुसेना के पास केवल 50 मिनट का प्रतिक्रिया समय था।
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इसके तुरंत बाद, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के बम दस्ते को वायु सेना के एक विशेष विमान से जामनगर भेजा गया ताकि अज़ूर एयर विमान और यात्रियों के सामान को उसके अंतिम गंतव्य डाबोलिम हवाई अड्डा गोवा के लिए उड़ान भरने से पहले स्कैन किया जा सके।
15 घंटे की पड़ताल के बाद विमान हुआ रवाना
हवाई अड्डे के निदेशक के अनुसार आपात स्थिति में उतरने के 15 घंटे से अधिक समय बाद मंगलवार (10 जनवरी) को दोपहर करीब 1 बजकर 20 मिनट पर सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर विमान ने जामनगर हवाईअड्डे से उड़ान भरी। हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विमान दोपहर 2 बजकर 39 मिनट पर गोवा के डाबोलिम हवाईअड्डे पर उतरा।
जामनगर के पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख डेलू ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और जामनगर पुलिस की टीमों ने मंगलवार सुबह विमान की जांच पूरी कर ली थी और उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
वायु सेना मुख्यालय से रखी जा रही थी नजर
नौ जनवरी की देर रात के इस घटनाक्रम पर वायु सेना मुख्यालय के शीर्ष अधिकारी लगातार नजर रखे हुए थे। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की आपात स्थितियों को आम तौर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा संचालित हवाई अड्डों द्वारा नियंत्रित किया जाता है, लेकिन इस बार विमान को मुंबई, गोवा या अहमदाबाद जाने की अनुमति देने के लिए ज्यादा समय नहीं था। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जामनगर को चुना गया था।
रूसी दूतावास ने जारी किया बयान
रूसी दूतावास ने इस पूरे मामले पर एक बयान जारी किया है। इसमें रूसी दूतावास ने कहा कि मॉस्को से गोवा जाने वाले अजूर एयर के विमान में कथित बम होने की खबर के बारे में भारतीय अधिकारियों ने उन्हें सतर्क किया था। विमान ने जामनगर भारतीय वायु सेना बेस पर आपातकालीन लैंडिंग की। बोर्ड पर सभी सुरक्षित हैं।