फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   How can flights fly in fog if the pilot is not trained More than 200 flights affected today

Flights Disrupted: पायलट प्रशिक्षित ही नहीं तो कोहरे में कैसे उड़ें विमान? आज 200 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित

Sun, 14 Jan 2024 08:21 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Sun, 14 Jan 2024 08:21 PM IST
विज्ञापन
सार
दिल्ली से देश के अलग-अलग हिस्सों में उड़ान भरने वाली तकरीबन सभी प्रमुख फ्लाइट प्रभावित हुई हैं। इसमें दिल्ली से लखनऊ, भोपाल, पटना, बंगलुरू, कोच्चि, चंडीगढ़ और कश्मीर जाने वाली फ्लाइट को सुबह सात बजे तक वक्त पर नहीं उड़ाया जा सका। इसके बाद दिन मे ग्यारह बजे तक 39 उड़नें प्रभावित हो गईं।
loader
How can flights fly in fog if the pilot is not trained More than 200 flights affected today
Flights - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

देश की राजधानी दिल्ली में कोहरे के चलते रविवार को तकरीब दो सौ से ज्यादा उड़ाने प्रभावित हो गईं। इनमें से दोपहर दो बजे तक तकरीबन तीन दर्जन से ज्यादा उड़ानों को दिल्ली के आसपास के हवाई अड्डों पर डायवर्ट किया गया, जबकि देर शाम से लेकर रात तक की उड़ानों की टाइमिंग भी कोहरे के चलते हुई अव्यवस्था से दो से नौ घंटों तक आगे बढ़ा दी गई। कोहरे के चलते फ्लाइट के साथ-साथ ट्रेनों पर भी जबरदस्त असर पड़ रहा है। 



दरअसल, कैट थ्री की सुविधा के बाद भी जीरो विजिबिलिटी में देश की प्रमुख एयरलाइंस के पायलट जहाज उतारने और उड़ाने में प्रशिक्षित ही नहीं है। यही वजह है कि एयरपोर्ट पर कोहरे में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ा गई है। वहीं देश के अलग-अलग उत्तरी भारत के हिस्सों से चलने वाली ट्रेनें दस से बारह घंटे की देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले एक सप्ताह तक उत्तर भारत के कई इलाकों में इसी तरीके से घना कोहरा पड़ता रहेगा। 


दिल्ली एयरपोर्ट पर रविवार को एक बार फिर से कोहरे के चलते उड़ानों पर जबरदस्त असर पड़ा। जानकारी के मुताबिक, रविवार की सुबह एयरपोर्ट पर जीरो विजिबिलिटी के चलते तकरीब तीन दर्जन उड़ानों को डाइवर्ट करना पड़ा। अनुमान यही था कि दोपहर दस बजे तक मौसम खुलेगा तो कुछ उड़ानों को दिल्ली लैंड कराया जाएगा। 

जैसे ही मौसम में दृश्यता बढ़ी तो आने वाली उड़ानों की लाइन इतनी लंबी हो गई कि उतरने वाले जहाज एक के बाद एक देरी से उतरते रहे। घने कोहरे और जीरो विजिबिलिटी के चलते हालात ऐसे हुए की दोपहर दो बजे तक तकरीबन दो सौ से ज्यादा उड़ानों में देरी हो गई। इसके चलते हजारों लोगों को अपनी फ्लाइट कैंसिल करानी पड़ी।

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से देश के अलग-अलग हिस्सों में उड़ान भरने वाली तकरीबन सभी प्रमुख फ्लाइट प्रभावित हुई हैं। इसमें दिल्ली से लखनऊ, भोपाल, पटना, बंगलुरू, कोच्चि, चंडीगढ़ और कश्मीर जाने वाली फ्लाइट को सुबह सात बजे तक वक्त पर नहीं उड़ाया जा सका। इसके बाद दिन मे ग्यारह बजे तक 39 उड़नें प्रभावित हो गईं। इन उड़ानों में वह उड़ाने शामिल थीं जिनको पहले से ही दिल्ली में लैंड कराने की तैयारी चल रही थी। 

सूत्रों के मुताबिक, सुबह एक बार उड़ानों के उतरने में देरी होती है तो फिर उसका असर पूरे दिन रहता है। जानकारी के मुताबिक रविवार को जीरो विजिबिलिटी के चलते एयरपोर्ट पर कुछ इसी तरह के हालात बने। नतीजतन शाम से लेकर रात तक की सभी उड़ानें अस्त व्यस्त हो गईं। 

लखनऊ के रहने वाले प्रत्यूष बताते हैं कि उनकी शाम को साढ़े पांच बजे की एयर इंडिया की फ्लाइट थी। उनके पास दोपहर को दो बजे एयरपोर्ट जाते समय मैसेज आया कि उनकी फ्लाइट अब रात को साढ़े बारह बजे जाएगी। वह कहते हैं उन्होंने अपनी फ्लाइट तो कैंसल करा ली। इसके साथ उन्होंने जब दूसरी फ्लाइट लखनऊ की देखनी शुरू की तो कोई भी फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी। 

इसी तरह दिल्ली से बंगलूरू जा रहे शिवांश ने बताया कि उनकी फ्लाइट सात घंटे देरी से बताई गई है। वह कहते हैं कि उनके साथ कई और लोग भी वॉलीबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए बेंगलुरु जा रहे थे जो अब आज बेंगलुरु नहीं पहुंच पाएंगे। जानकारी के मुताबिक सुबह से लेकर शाम तक एयरपोर्ट के अलग-अलग एयरलाइंस के काउंटर्स पर भी अफरा तफरी का माहौल रहा। 

दिल्ली के एयरपोर्ट से रोजाना तकरीबन 1400 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जाती हैं। जानकारी के मुताबिक इंटरनेशनल फ्लाइट के उतरने और टेक ऑफ करने के लिए प्रशिक्षित पायलट होते हैं। लेकिन डोमेस्टिक फ्लाइट में जीरो विजिबिलिटी या घने कोहरे में कैट थ्री की सुविधा के बाद भी प्रशिक्षित पायलट जहाज को न तो उतार सकते हैं और न ही उड़ा सकते हैं। 

दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले तकरीबन 55 पायलट ऐसे हैं, जो एयरपोर्ट पर कैट थ्री के बावजूद भी जहाज को लैंड और टेक ऑफ नहीं कर सकते हैं। यही वजह है कि घने कोहरे के चलते दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानें अस्त व्यस्त हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक कैट थ्री के लिए प्रशिक्षण इतना महंगा होता है कि एयरलाइंस अपने पायलट को यह प्रशिक्षण नहीं कराती हैं। यही वजह है कि कोहरे में उड़ानें जबरदस्त रूप से प्रभावित होती हैं।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर भारत के ज्यादातर इलाकों में अभी इसी तरीके से घने कोहरे के पड़ने का अनुमान लगाया गया है। विभाग के मुताबिक उत्तर भारत के पंजाब हरियाणा उत्तराखंड के मैदानी इलाकों समेत उत्तर प्रदेश दिल्ली और राजस्थान के साथ-साथ बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में कोहरा भी घना पड़ेगा और शीतलहर भी बढ़ती जाएगी। 

दरअसल बीते चार दिनों से उत्तर भारत के ज्यादातर मैदानी इलाकों में न्यूनतम पारे में तीन  से चार डिग्री की ओर गिरावट दर्ज हुई। इसके चलते कुछ हिस्सों में न्यूनतम पारा 4 डिग्री से 6 डिग्री के बीच पहुंच गया है। अनुमान के मुताबिक अगले तीन दिनों के भीतर यह तापमान तकरीबन ऐसा ही बना रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed