Bangladesh: बांग्लादेश विदेश मंत्रालय ने भेजा समन, भारतीय उच्चायुक्त बोले- ये संबंध अस्थायी नहीं, हमेशा रहेंगे
India Bangladesh Relations: बांग्लादेश द्वारा भारतीय उच्चायुक्त को समन भेजे जाने के बाद भारत ने रिश्तों पर सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है। प्रणय वर्मा ने कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध खून और बलिदान से बने हैं और हमेशा रहेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांग्लादेश की ओर से भारतीय उच्चायुक्त को समन भेजे जाने के कुछ ही घंटों बाद भारत ने रिश्तों को लेकर साफ और कड़ा संदेश दिया है। ढाका स्थित भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने कहा है कि भारत और बांग्लादेश के संबंध कोई अस्थायी समझौता नहीं हैं, बल्कि खून और बलिदान से बने ऐसे रिश्ते हैं, जो हमेशा रहेंगे। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के बयानों को लेकर भारत के समक्ष गंभीर चिंता जताई है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने रविवार को प्रणय वर्मा को तलब कर कहा कि भारत में रह रहीं शेख हसीना कथित तौर पर ऐसे भड़काऊ बयान दे रही हैं, जिनसे बांग्लादेश में हिंसा और अशांति फैल सकती है। मंत्रालय ने दावा किया कि हसीना और अवामी लीग के अन्य नेता आगामी संसदीय चुनावों को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही बांग्लादेश ने शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई है।
रिश्तों की मजबूती पर जोर
प्रणय वर्मा ने एक सांस्कृतिक और अकादमिक कार्यक्रम में कहा कि भारत और बांग्लादेश का रिश्ता 1971 के मुक्ति संग्राम में साझा संघर्ष और बलिदान से बना है। उन्होंने कहा कि उस समय भारत ने बांग्लादेश के लोगों का हर कदम पर साथ दिया और हजारों भारतीय सैनिकों ने भी अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि ऐसे रिश्ते किसी एक घटनाक्रम या राजनीतिक तनाव से कमजोर नहीं हो सकते।
ये भी पढ़ें- हाइब्रिड मोड में अदालत में पेश हो सकते हैं वकील, वायु प्रदूषण को देखते हुए सीजेआई ने दी सलाह
लोकतांत्रिक और स्थिर बांग्लादेश का समर्थन
भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि भारत बांग्लादेश को एक लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण और समावेशी देश के रूप में आगे बढ़ते देखना चाहता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं और समाज इतने जुड़े हुए हैं कि वे एक-दूसरे पर निर्भर हैं। 1971 के बाद से दोनों देशों ने लंबा सफर तय किया है और आज दोनों तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं।
शेख हसीना का मामला
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि शेख हसीना, जो पिछले वर्ष अगस्त में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से हटने के बाद भारत चली गई थीं, अब भी वहीं रह रही हैं। पिछले महीने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में एक विशेष ट्रिब्यूनल ने मौत की सजा सुनाई है। ढाका सरकार का कहना है कि उन्हें जल्द से जल्द बांग्लादेश लौटाया जाए ताकि वे सजा का सामना कर सकें।
चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक तनाव
बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। अवामी लीग ने चुनाव कार्यक्रम को खारिज करते हुए तटस्थ कार्यवाहक सरकार के तहत चुनाव कराने की मांग की है। बांग्लादेश सरकार का आरोप है कि भारत में रह रहे अवामी लीग के कुछ नेता चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने की साजिश कर रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में भारत-बांग्लादेश संबंधों में कूटनीतिक तनाव देखने को मिल रहा है, हालांकि भारत ने रिश्तों की मजबूती पर जोर देते हुए साफ कर दिया है कि दोनों देशों के संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं।
अन्य वीडियो-
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.