फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CJI advises lawyers to avail hybrid mode of appearance in view of prevailing weather conditions

CJI: हाइब्रिड मोड में अदालत में पेश हो सकते हैं वकील, वायु प्रदूषण को देखते हुए सीजेआई ने दी सलाह

Mon, 15 Dec 2025 01:11 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 15 Dec 2025 01:11 AM IST
सार

दिल्ली में वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। जिसे लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है और लोगों को हवा के संपर्क में ज्यादा देर न रहने की सलाह दी है। सीजेआई ने भी वकीलों को हाइब्रिड मोड से काम करने की सलाह दी है। 

विज्ञापन
CJI advises lawyers to avail hybrid mode of appearance in view of prevailing weather conditions
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत - फोटो : एएनआई

विस्तार

देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्य कांत ने मौसम की परिस्थितियों और वायु प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध मामलों में बार के सदस्यों और पक्षकारों को हाइब्रिड मोड में पेश होने की सलाह दी है। रविवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक सर्कुलर जारी किया, जिसमें कहा गया, 'मौजूदा मौसम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, मुख्य न्यायाधीश ने बार के सदस्यों/ पक्षकारों को अदालतों में सूचीबद्ध अपने मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा के जरिए हाइब्रिड मोड में पेश होने की सलाह दी है।'
विज्ञापन


रविवार को बेहद खराब रही दिल्ली की हवा की गुणवत्ता
रविवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 461 तक पहुंच गया, जो इस सर्दी का सबसे प्रदूषित दिन और दिसंबर महीने में अब तक दूसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला दिन रहा। कमजोर हवाओं और कम तापमान के कारण वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा माना जाता है। वहीं 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हवा में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति आगाह किया है और कहा है कि ज्यादा देर तक बाहर रहने पर सेहत बिगड़ने का खतरा है। इससे पहले 26 नवंबर को, गंभीर वायु प्रदूषण के कारण सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान भी सीजेआई ने सुनवाई को केवल वर्चुअल मोड में स्थानांतरित करने की संभावना पर विचार की बात कही थी। CJI ने कहा था कि एक घंटे की सैर के बाद उनकी तबीयत खराब महसूस हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- अगले दो दिन सांसों पर भारी: गैस चैंबर बनी दिल्ली, इस साल का सबसे अधिक AQI दर्ज; नोएडा की हवा सबसे जहरीली

मौजूदा वक्त में सुप्रीम कोर्ट में हाइब्रिड मोड में काम हो रहा है, जिसमें कार्यवाही भौतिक और वर्चुअल, दोनों तरीकों से होती है। इससे पहले, 13 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा ने दिल्ली-एनसीआर में खतरनाक वायु गुणवत्ता का हवाला देते हुए वकीलों को व्यक्तिगत रूप से अदालत आने के बजाय वर्चुअल माध्यम से पेश होने की सलाह दी थी।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed