सबको घर और रोजगार का वादा कर यूपी फतह की तैयारी में भाजपा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूत्र बताते हैं कि पार्टी उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे यूपी के लिए बन रहे भाजपा के विजन डाक्यूमेंट को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। पार्टी के विजन डाक्यूमेंट में सुशासन और विकास के नारे के साथ गरीब और युवाओं का एजेंड़ा सबसे प्रमुख है। गरीबों और युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए पार्टी की ओर से सबको घर और नौकरी का भरोसा दिया जाएगा। वैसे केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक सबको घर देने के मकसद से पीएमआवास योजना की नए सिरे से शुरूआत की है। यूपी में सरकार बनने के बाद पार्टी सूबे में इस लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करने का भरोसा देगी।
पार्टी के इस लोकलुभावनी घोषणा को सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रयासों की काट के रूप में देखा जा रहा है। मगर पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि सबको घर और सबको रोजगार देना पीएम मोदी के विकास एजेंडे का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता जल्द ही विजन डाक्यूमेंट को लखनउ से जारी करेंगे। बाजी मारने की कवायद में अखिलेश यादव ने रविवार को अपना घोषणापत्र जारी करते हुए प्रेशर कुकर, पाउडर दूध, घी और स्मार्ट सरीखे जरूरत की छोटे-छोटे वस्तुओं को मुफ्त में बांटने का ऐलान किया था। अब अपने पिटारे से लुभावने वादे निकालने का बारी भाजपा की है।
प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या बेहद ज्यादा है
अखिलेश की काट में पार्टी रणनीतिकारों को मकान और रोजगार का मुद्दा बहुत अहम लग रहा है। प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या बेहद ज्यादा है। युवाओं के जोश को जगाकर भाजपा की रणनीति उन्हें न सिर्फ अपने पाले में खिंचने की है। बल्कि युवाओं के पलायन को मुद्दा बनाकर वह अखिलेश शासन के कानून व्यवस्था की स्थिति को भी जनता के सामने उभारेगी।
अखिलेश की छवि पर चोट के लिए भाजपा ने लिया दंगो का सहारा
कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी का गंठबंधन होने के बाद यूपी के सियासत में आए गणितीय बदलाव से भाजपा की परेशानी बढ़ी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सूथरी और विकासवादी छवि पर कांग्रेस के वोटबैंक से चार चांद न लग जाए इसलिए भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव किया है। अब तक सकारात्मक प्रचार की दुहाई देने वाली पार्टी ने नकारात्मक मुद्दों को उठाना शुरू कर दिया है।
अखिलेश की छवि पर वार करने के लिए भाजपा ने कैराना से हिन्दूओं के पलायन और यादव शासन में हुए सांप्रदायिक दंगो को आगे किया है। पार्टी ने चुनावी प्रचार के लिए प्रमुख रूप से जो दो पोस्टर तैयार किए हैं। उसमें कैराना और अखिलेश शासन के तहत हुए हजारों दंगो का जिक्र है। हालांकि पार्टी की इस कवायद को हिन्दूत्व के हथियार को गर्माने के प्रयास में भी देखा जा रहा है। मगर पार्टी ने कैराना में भय के माहौल से हिन्दूओं के पलायन और पिछले 5 साल में हुए 1000 दंगों का आंकडा पेश कर अपनी चाल चल दी है।