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LCA Tejas-MK1A: भारतीय वायुसेना की 'नाराजगी' दूर करेगा HAL, तेजस की डिलीवरी का 'बैकअप' प्लान है तैयार
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एलसीए तेजस।
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अमर उजाला
विस्तार
स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस एमके-1ए की समय पर डिलीवरी न कर पाने को लेकर भारतीय वायुसेना की 'नाराजगी' झेल रही सरकारी विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने बड़ा भरोसा दिलाया है। वायुसेना के लिए राहत की खबर यह है कि एचएएल ने कहा है कि सितंबर से जीई हमें इंजन की डिलीवरी करना शुरू देगी और हम तय समय सीमा में वायुसेना को तेजस एमके-1ए सौंपना शुरू कर देंगे। एचएएल ने भरोसा दिलाया है कि 16 एलसीए एमके1ए को वह इसी वित्त वर्ष में भारतीय वायुसेना को सौंप देगी।इस साल चार डेडलाइन से चूक चुका है एचएएल
एलसीए तेजस जहाज बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के एक शीर्ष अधिकारी ने अमर उजाला से कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, हमारी प्रोडक्शन लाइन तैयार हैं और हम बाकी बची हुई छोटी-छोटी चीजों को सुलझा रहे हैं। हम तय समय सीमा के अंदर सभी जहाज वायुसेना को सौंप देंगे। बता दें कि भारतीय वायुसेना को पहले LCA-Mk1A की डिलीवरी इस साल नवंबर तक होनी है। इससे पहले एचएएल ने पहले फरवरी, फिर मार्च, उसके बाद जुलाई, फिर अगस्त की डेडलाइन दी थी। फरवरी 2024 में तीन LCA-MK1A वायुसेना को सौंपे जाने थे और उसके बाद हर पांच साल तक हर साल 16 जहाजों की डिलीवरी होनी थी। सूत्रों का कहना है कि तेजस की डिलीवरी में देरी की वजह अमेरिकी फर्म जीई एयरोस्पेस है, जो एचएएल को F404-IN20 इंजनों की सप्लाई में देरी कर रही है। इंजन की डिलीवरी करीब 10 माह लेट है।
बेंगलुरु और नासिक में बनेंगे तेजस
यह पूछे जाने पर कि एचएएल तय समय सीमा के भीतर कैसे सभी विमानों की डिलीवरी करेगा, इस पर एचएएल के सूत्रों ने बताया कि फिलहाल बेंगलुरु में हमारी दो फैसिलिटी हैं, जिसकी क्षमता हर साल 16 विमानों के प्रोडक्शन की है। वहीं, नासिक में तीसरी फैसिलिटी अक्तूबर में शुरू हो जाएगी और यहां हम 8 से ज्यादा फाइटरजेट हर साल बना सकेंगे। अगस्त 2021 में एचएएल और जनरल इलेक्ट्रिक ने 99 एफ404 इंजन के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर दस्तखत किए थे। एचएएल का कहना है कि वह मार्च 2025 तक 8 से अधिक तेजस फाइट जेट्स की डिलीवरी कर देगा।
एचएएल का बैकअप प्लान भी तैयार
एचएएल के सूत्रों ने बताया कि अगर किसी भी हालात में इंजन बनाने वाली कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक सितंबर तक इंजनों की सप्लाई नहीं करती है, तो हमनें एक बैकअप प्लान भी बनाया है। उन्होंने बताया कि हमारे पास LCA-Mk1A के शुरुआती बैच में हम इस्तेमाल किए गए इंजन लगाने का भी विकल्प है। भारतीय वायुसेना भी कैटेगरी-2 या इस्तेमाल किए गए इंजनों को तेजस एमके1ए के शुरुआती बैच में लगाने के योजना से वाकिफ है।
अस्त्रा मिसाइल से लैस होगा तेजस Mk1A
सूत्रों के मुताबिक लेटेस्ट LCA तेजस Mk1A की टेस्टिंग जारी है औऱ जल्द ही वह स्वदेशी हथियारों जैसे बियोंड विजुअल रेंज (बीवीआर) हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्रा मिसाइल से लैस होगा। जबकि दूसरे प्रोडक्शन एय़रक्राफ्ट के ग्राउंड ट्रायल्स चल रहे हैं, जबकि चार और एयरक्राफ्ट की मैन्युफैक्चरिंग एडवांस स्टेज में है। सूत्रों ने उम्मीद जताई है कि इस साल तक कम से कम एक एलसीए-एमके1ए जेट की डिलीवरी हो जाएगी, और मार्च 2025 के अंत तक आधा स्क्वाड्रन यानी आठ से नौ LCA-Mk1A वायुसेना को डिलीवर कर देंगे। फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने 83 LCA-Mk1A के लिए एचएएल के साथ 48,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था, जिसकी डिलीवरी 2028 तक पूरी होनी थी। वहीं, 83 Mk1A के अलावा रक्षा मंत्रालय ने अन्य 97 LCA-Mk1A विमानों की खरीद के लिए शुरुआती अनुमति दे दी है। जिसके बाद 180 LCA-MK1A और MK1 वैरिएंट के 220 जहाज बनेंगे।
तेजस का MK2 वर्जन भी हो रहा तैयार
इसके अलावा, पहले से ज्यादा एडवांस LCA-MK2 को भी डेवलप किया जा रहा है। एचएएल ने LCA AF MK-2 के फेज-3 प्रोग्राम के लिए एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के साथ फुल स्केल इंजीनियरिंग डेपलपमेंट (FSED) के लिए करार किया है, जिसकी लागत 2970 करोड़ रुपये है। LCA AF MK-2 में GE F414 इंजन लगाए जाने हैं। सूत्रों का कहना है कि पहला एलसीए एमके2 2027 तक प्रोडक्शन के लिए रेडी हो जाएगा। एमके2 पुराने वर्जन के मुकाबले ज्यादा समय तक हवा में रहने में सक्षम होगा और इसकी हथियार ले जाने की क्षमता भी काफी अधिक होगी। अब तक, भारतीय वायुसेना ने लगभग 120 LCA-MK2 खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है।