पांच साल में 2018 में जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा हुई आतंकी घुसपैठ- गृह मंत्रालय
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पाकिस्तान स्थित आतंकी गुटों ने 2018 में सीमा पार से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की 328 बार कोशिश की। इनमें कोशिशों में से 143 बार वे सफल रहे। केंद्रीय गृह मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी घुसपैठ का पिछले साल का यह आंकड़ा पांच साल में सबसे अधिक है।
मंत्रालय की 2018-19 की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल जम्मू-कश्मीर में 257 आतंकी मारे गए जबकि 91 सुरक्षा कर्मी शहीद हुए। यह आंकड़ा भी पिछले पांच साल में सबसे अधिक है। इस दौरान 9 नागरिक भी मारे गए। इसके अनुसार, 2017 में सीमा पार से आतंकी घुसपैठ की 419 कोशिशें हुई जिनमें से 136 सफल रहीं। वहीं 2016 में 371 घुसपैठ की कोशिशों में 119 कामयाब रहीं। 2015 में 121 कोशिशों में से 33 सफल रही हैं। 2014 में घुसपैठ की 222 प्रयास हुए और 65 सफल रहे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ये आंकड़े जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा दोनों से घुसपैठ से संबंधित हैं। पिछले साल राज्य में आतंकवाद की 614 वारदातों में 257 आतंकी मारे गए जबकि 39 नागरिकों और 91 सुरक्षाकर्मियों को जान गंवानी पड़ी। 2018 में आतंकियों और सुरक्षा कर्मी की मौत का यह आंकड़ा राज्य में पिछले पांच साल में सर्वाधिक है। 2017 में 342 आतंकी वारदातों में 213 आतंकी मारे गए जबकि 80 सुरक्षाकर्मी और 40 नागरिकों ने जान गंवाई। 2016 में 322 आतंकी घटनाओं में 150 आतंकी, 82 सुरक्षाकर्मी और 15 नागरिकों की जान गई। वहीं 2015 में 208 वारदातों में 108 आतंकी, 38 सुरक्षाकर्मियों और 17 नागरिकों की मौत हुई। 2014 में 222 घटनाओं में 110 आतंकी, 47 सुरक्षाकर्मी और 28 नागरिकों की जान गई।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को मिलेंगे समान लाभ: जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगले सप्ताह से अस्तित्व में आने वाले दो नए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को बिना किसी पक्षपात के बराबर लाभ मिलेगा। पिछले सात दशकों में पूरे राज्य में यह शिकायत थी कि कुछ क्षेत्रों और लोगों के साथ भेदभाव किया गया। जहां जम्मू ने हमेशा कश्मीर को मिलने वाली ज्यादा हिस्सेदारी को लेकर शिकायत की, तो लद्दाख ने भी खुद को उपेक्षित महसूस किया। 31 अक्तूबर के बाद केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर जम्मू-कश्मीर में समाज के सभी वर्गों को समान लाभ मिलेगा। यह लद्दाख पर भी लागू होगा।
जम्मू-कश्मीर से आने वाले सिंह ने शनिवार को कहा कि कश्मीर घाटी में कुछ परिवारों की किस्मत तेजी से बदली और उनकी आय का स्रोत भी पता नहीं चला। वहीं आम आदमी आतंकवाद और राज्य की उदासीनता के बीच फंसा रहा। पीएमओ में केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश होने के तौर पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में गृहमंत्रालय का नियंत्रण होगा। सरकारी संसाधनों का समान वितरण होगा और इसके लिए जवाबदेही भी होगी। जम्मू-कश्मीर का सबसे बड़ा दुर्भाग्य रहा कि पिछले सात दशक के शासन में वहां पारदर्शिता की कमी थी।
पाकिस्तान को करारा जवाब दे रहे सुरक्षा बल: राम माधव
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि सुरक्षा बल पाकिस्तान की हर साजिश को नाकाम बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। जम्मू में विलय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में राम माधव ने कहा कश्मीर में हालात खराब करने के लिए पाकिस्तान पूरी कोशिश कर रहा है। लेकिन उसे हर बार मुंह की खानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि बीडीसी चुनाव में 98 फीसदी मतदान हुआ। इसमें हिस्सा लेने वाले प्रत्याशी और जनता बधाई की पात्र है। उन्होंने ट्रक चालकों पर हमलों के सवाल पर कहा कि सुरक्षा बल इन मामलों का संज्ञान लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जाएगा।