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गृहमंत्रालय ने ममता सरकार को लिखी चिट्ठी, कहा- नियमों को ताक पर रख लॉकडाउन की हो रही अनदेखी
Sat, 11 Apr 2020 09:44 PM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Sat, 11 Apr 2020 09:44 PM IST
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mamta banerjee, amit shah
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पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन में ढील (‘क्रमिक छूट’) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आपत्ति जताई है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में गैर-जरूरी सामानों की दुकानें खुलने दी गयी और पुलिस ने धार्मिक कार्यक्रमों की भी इजाजत दी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजे पत्र में कहा गया है कि सब्जी, मछली और मांस बाजारों में कोई नियंत्रण नहीं है।
गृह मंत्रालय के इस पत्र में आगे कहा गया है, ‘‘सुरक्षा एजेंसियों को मिली रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन में क्रमिक छूट दर्ज की गई है। राज्य सरकार की तरफ से जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को छूट दी गयी है, उनकी संख्या बढ़ी है।’’ गृह मंत्रालय के इस पत्र के मुताबिक गैर-जरूरी चीजों की दुकानें खुलने दी जा रही हैं।
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मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता में नारकेल डांगा, टोपसिया, राजबाजार, गार्डेनरीच, मेतियाबुर्ज, इकबालपुर और मुनिकटला जैसी जगहों पर सब्जी, मछली और मांस बाजारों में कोई भी नियंत्रण नहीं है। इन जगहों पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ताक पर रख कर बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। ऐसे में परेशान करने वाली बात यह है कि नारकेल डांगा जैसी जगहों पर कोविड-19 के कथित तौर पर अधिक मामले नजर आये हैं।
पत्र में आगे कहा गया है, ‘‘यह भी सामने आया है कि पुलिस धार्मिक कार्यक्रमों की इजाजत देती रही है। इसके अलावा मुफ्त राशन संस्थागत आपूर्ति प्रणाली के माध्यम से नहीं बांटे जा रहे, बल्कि नेताओं की तरफ से बांटे जा रहे। हो सकता है कि इसकी वजह से कोविड-19 संक्रमण बढ़ा हो।’’
मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि ऐसी गतिविधियां केंद्र सरकार की तरफ से आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत समय-समय पर जारी किये गये आदेशों के खिलाफ हैं और ये इस कानून के तहत कार्रवाई किये जाने लायक हैं।
पत्र में कहा गया है, ‘‘यह अनुरोध किया जाता है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही इन कार्रवाई की जल्द ही रिपोर्ट बना कर मंत्रालय को दी जाए। वहीं, नियमों को तोड़ने की ये घटनाएं दोबारा न हों इसके लिए जरूरी है कि इन घटनाओं के खिलाफ ठोस कदम उठाये जाएं।’’
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केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजे पत्र में कहा गया है कि सब्जी, मछली और मांस बाजारों में कोई नियंत्रण नहीं है।
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गृह मंत्रालय के इस पत्र में आगे कहा गया है, ‘‘सुरक्षा एजेंसियों को मिली रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन में क्रमिक छूट दर्ज की गई है। राज्य सरकार की तरफ से जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को छूट दी गयी है, उनकी संख्या बढ़ी है।’’ गृह मंत्रालय के इस पत्र के मुताबिक गैर-जरूरी चीजों की दुकानें खुलने दी जा रही हैं।
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मंत्रालय ने कहा कि कोलकाता में नारकेल डांगा, टोपसिया, राजबाजार, गार्डेनरीच, मेतियाबुर्ज, इकबालपुर और मुनिकटला जैसी जगहों पर सब्जी, मछली और मांस बाजारों में कोई भी नियंत्रण नहीं है। इन जगहों पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ताक पर रख कर बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। ऐसे में परेशान करने वाली बात यह है कि नारकेल डांगा जैसी जगहों पर कोविड-19 के कथित तौर पर अधिक मामले नजर आये हैं।
पत्र में आगे कहा गया है, ‘‘यह भी सामने आया है कि पुलिस धार्मिक कार्यक्रमों की इजाजत देती रही है। इसके अलावा मुफ्त राशन संस्थागत आपूर्ति प्रणाली के माध्यम से नहीं बांटे जा रहे, बल्कि नेताओं की तरफ से बांटे जा रहे। हो सकता है कि इसकी वजह से कोविड-19 संक्रमण बढ़ा हो।’’
मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि ऐसी गतिविधियां केंद्र सरकार की तरफ से आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत समय-समय पर जारी किये गये आदेशों के खिलाफ हैं और ये इस कानून के तहत कार्रवाई किये जाने लायक हैं।
पत्र में कहा गया है, ‘‘यह अनुरोध किया जाता है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही इन कार्रवाई की जल्द ही रिपोर्ट बना कर मंत्रालय को दी जाए। वहीं, नियमों को तोड़ने की ये घटनाएं दोबारा न हों इसके लिए जरूरी है कि इन घटनाओं के खिलाफ ठोस कदम उठाये जाएं।’’