गृहमंत्री का 26 नवंबर से रूस दौरा, आंतरिक सुरक्षा और वीजा नियमों को उदार बनाने पर होगी चर्चा
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इस दौरे में वे पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकवाद और इलाके में आईएस की गतिविधियों का मुकाबला करने के प्रयासों को लेकर बातचीत करेंगे। बताया जा रहा है कि गृह मंत्री वहां के आंतरिक मामलों के मंत्री से आतंकवाद विरोधी सहयोग पर भारत-रूस के साझा प्रयासों से संबंधित मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
दोनों देश जम्मू-कश्मीर में सीमापार आतंकवाद और देश-पड़ोस में आईएस की बढ़ती गतिविधियों पर भी चर्चा करेंगे। गृहमंत्री का यह रूस दौरा पिछले वर्ष सितंबर में प्रस्तावित था, लेकिन तब उड़ी में हुए आतंकी हमले की वजह से राजनाथ ने अपना रूस और अमेरिका दौरा स्थगित कर दिया था। अब वे 26 नवंबर को रूस दौरे पर मॉस्को रवाना होंगे।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
रूस दौरे के दौरान गृह मंत्री आतंकवाद विरोधी सहयोग को बढ़ाने को लेकर अपने रूसी समकक्ष से बातचीत करेंगे। इसके अलावा वांछित अपराधियों के प्रत्यर्पण और वीजा सिस्टम को उदार बनाने के विषय शामिल हैं।
दोनों देश अपने विमान चालकों और क्रू सदस्यों के लिए वीजा फ्री एंट्री की व्यवस्था कर सकते हैं। टेंपररी लैंडिंग परमिट के जरिए दोनों देशों के पायलट और केबिन क्रू बिना वीजा के ही एक-दूसरे देश में आ जा सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि राजनाथ ने चंद माह पहले भारत आए रूस के आंतरिक सुरक्षा मंत्री से चर्चा में पाकिस्तान का मामला रखा था।
पाक को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग करने की कोशिश में भारत ने रूसी मंत्री को बताया था कि पाकिस्तान बार-बार भारत में घुसपैठिये भेजकर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। यही नहीं, पाकिस्तान में आतंकियों के लिए 17 ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं।
पाक को सैन्य मदद रोकने की मांग कर सकता है भारत
भारतीय गृह मंत्री मॉस्को यात्रा के दौरान रूस से पाकिस्तान को सैन्य मदद रोकने की मांग कर सकते हैं। भारत सरकार पहले ही रूस को इस बात से अवगत करा चुकी है कि आतंकी संगठन लश्कर और जैश को पाक मदद कर रहा है। ये संगठन लगातार भारत में आतंकी वारदात कर रहे हैं और रूस को पाकिस्तान पर दबाव बनाना चाहिए।
इसके अलावा गृह मंत्री रूस से पाक को सैन्य मदद रोकने की मांग कर सकते हैं। चर्चा है कि रूस और पाक के बीच इधर सैन्य संबंध बढ़े हैं। संयुक्त सैन्य अभ्यास के अलावा रूस ने पाकिस्तान की सेना को हेलीकॉप्टर बेचने का भी निर्णय लिया है।
इसके अलावा आंतरिक सुरक्षा के तमाम मुद्दों पर चर्चा के साथ दोनों देशों के बीच ऑनलाइन टेरर के मसले पर दोबारा से बातचीत होगी। ऑनलाइन गतिविधियों से प्रभावित होकर युवाओं के आईएस से जुड़ने की ललक बढ़ रही है।