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मर्सिडीज और राल्स एंड रॉयस जैसी गाड़ियों के शौकीन भैय्यू जी महाराज की एक झलक
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Updated Wed, 13 Jun 2018 05:02 AM IST
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भय्यूजी महाराज
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अण्णा हजारे जन लोकपाल बिल की मांग को लेकर रामलीला मैदान में आमरण अनशन पर बैठे थे। तत्कालीन यूपीए सरकार के हाथ-पांव फूल चुके थे। अण्णा को मनाने की सारी कोशिशें करीब-करीब धराशाई हो गई थी। इसी बीच तत्कालीन केन्द्रीय मंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलास राव देशमुख ने उदय सिंह देशमुख (भैय्यू जी महाराज) मदद लेने का सुझाव दिया। शरद पवार को भी यह प्रयोग ठीक लगा और लोगों की पहल पर भैय्यू जी महाराज अगले दिन दिल्ली आ गए। खेलगांव स्थित बीईएल के गेस्ट हाऊस में ठहरे और उनके लिए काली मर्सिडीज गाड़ी लगाई गई। वहीं उनसे मिलना भी हुआ।
खत्म हो जाएगा अण्णा का आंदोलन
पांच फीट 11 इंच का सुदर्शन शरीर, चंद्रमुखी, कांति से युक्त दमकता चेहरे का आभा मंडल, माथे पर लाल चंदन, गले में सूर्य लॉकेट, मधुर वाणी और सामने हाथ जोड़े खड़े शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे। कुछ युवा चेहरे आस-पास। एक महिला भी। यही था वहां बीईएल गेस्ट हाऊस का दृश्य। थोड़ी देर बात हुई तो पता चला कि कभी वह एस कुमार के लिए मॉडलिंग करते थे, लेकिन आध्यात्म की तरफ रुझान ने इधर खींच लिया। अब आधुनिक गृहस्थ संत हैं।
लोगों को सुख से रहने, मानव समाज की सेवा करने, शिक्षा, पर्यावरण में काम करने की प्रेरणा देते हैं। सबसे एक पेड़ लगवाने का संकल्प लेते हैं। नर सेवा नारायण सेवा और सूर्य की उपासना ही मुख्य ध्येय है। अण्णा के आंदोलन पर पूरे आत्म विश्वास से कहा कि अब यह समाप्त हो जाएगा। यही हुआ भी। वह रामलीला मैदान गए, अण्णा का अनशन तुड़वाया। बाद में दूसरी बात वह गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का उपवास तुड़वाते मंच पर दिखाई दिए।
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राजनीति के गलियारे से
राजनीति के गलियारे में भैय्यू जी की पकड़ काफी मजबूत रही। यह उनके मुंह से बताया हुआ है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई शीर्ष पदाधिकारी आश्रम आशीर्वाद लेने आते हैं। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को उनमें आस्था है। सुमित्रा महाजन के कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि उनमें कुछ शक्ति है। ताई भी इसे महसूस करती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उनपर भरोसा रखने वालों में गिने जाते हैं।
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई राजनेताओं के प्रेरणास्रोत रहे। म.प्र. सरकार ने उन्हें राष्ट्र संत का दर्जा दिया था। उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा देने का भी प्रस्ताव किया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटील इंदौर आश्रम में जाती रही हैं। एनसीपी के शरद पवार, कांग्रेस के पूर्व नेता विलास राव देश मुख सब भैय्यू जी महाराज का लगाव रखते रहे हैं। राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे और ठाकरे परिवार में भैय्यू जी महाराज अपनी पकड़ बनाए हुए थे। उनकी ख्याति के बारे में उनके ही पास बैठ शिष्य के मुताबिक कुछ मीडिया घराने, इंदौर, महाराष्ट्र और कुछ गुजरात के कारपोरेट घराने उनमें श्रद्धा रखते हैं। संपर्क का यह दायरा लता मंगेशकर, आशा भोसले, अनुराधा पौडवाल तक भी जाता था। सब आश्रम के अनुयाई थे।
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खत्म हो जाएगा अण्णा का आंदोलन
पांच फीट 11 इंच का सुदर्शन शरीर, चंद्रमुखी, कांति से युक्त दमकता चेहरे का आभा मंडल, माथे पर लाल चंदन, गले में सूर्य लॉकेट, मधुर वाणी और सामने हाथ जोड़े खड़े शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे। कुछ युवा चेहरे आस-पास। एक महिला भी। यही था वहां बीईएल गेस्ट हाऊस का दृश्य। थोड़ी देर बात हुई तो पता चला कि कभी वह एस कुमार के लिए मॉडलिंग करते थे, लेकिन आध्यात्म की तरफ रुझान ने इधर खींच लिया। अब आधुनिक गृहस्थ संत हैं।
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लोगों को सुख से रहने, मानव समाज की सेवा करने, शिक्षा, पर्यावरण में काम करने की प्रेरणा देते हैं। सबसे एक पेड़ लगवाने का संकल्प लेते हैं। नर सेवा नारायण सेवा और सूर्य की उपासना ही मुख्य ध्येय है। अण्णा के आंदोलन पर पूरे आत्म विश्वास से कहा कि अब यह समाप्त हो जाएगा। यही हुआ भी। वह रामलीला मैदान गए, अण्णा का अनशन तुड़वाया। बाद में दूसरी बात वह गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का उपवास तुड़वाते मंच पर दिखाई दिए।
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राजनीति के गलियारे से
राजनीति के गलियारे में भैय्यू जी की पकड़ काफी मजबूत रही। यह उनके मुंह से बताया हुआ है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई शीर्ष पदाधिकारी आश्रम आशीर्वाद लेने आते हैं। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को उनमें आस्था है। सुमित्रा महाजन के कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि उनमें कुछ शक्ति है। ताई भी इसे महसूस करती हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उनपर भरोसा रखने वालों में गिने जाते हैं।
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई राजनेताओं के प्रेरणास्रोत रहे। म.प्र. सरकार ने उन्हें राष्ट्र संत का दर्जा दिया था। उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा देने का भी प्रस्ताव किया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटील इंदौर आश्रम में जाती रही हैं। एनसीपी के शरद पवार, कांग्रेस के पूर्व नेता विलास राव देश मुख सब भैय्यू जी महाराज का लगाव रखते रहे हैं। राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे और ठाकरे परिवार में भैय्यू जी महाराज अपनी पकड़ बनाए हुए थे। उनकी ख्याति के बारे में उनके ही पास बैठ शिष्य के मुताबिक कुछ मीडिया घराने, इंदौर, महाराष्ट्र और कुछ गुजरात के कारपोरेट घराने उनमें श्रद्धा रखते हैं। संपर्क का यह दायरा लता मंगेशकर, आशा भोसले, अनुराधा पौडवाल तक भी जाता था। सब आश्रम के अनुयाई थे।
चेहरा देखकर भविष्य वाचन
bhayyuji maharaj
आदित्य ठाकरे बीईएल गेस्ट हाऊस से मुंबई चलने को हुए तो उन्हें अपने से लगाया और कुछ प्रसाद के रूप में चॉकलेट दी। बताया भी कि आगे सबकुछ अच्छा होगा। बस कर्म करो। पता चला कि भैय्यू जी महाराज चेहरा देखते हैं और आने वाले समय के बारे में बता देते हैं। कुछ और लोगों को भी इसी तरह छोटी-छोटी सलाह देकर निबटाया। फिर बताया कि कैसे उन्होंने वैश्या के बच्चों को अपना नाम देकर उन्हें अच्छी शिक्षा, अच्छा जीवन देने का बीणा उठाया है। लेकिन अफसोस कि वहीं भैय्यू जी महाराज खुद अपना भविष्य नहीं तय कर सके। आत्महत्या कर लेने की खबर आ रही है। अपनी ही पिस्टल से खुद को गोली मार ली।
परिवार, संस्कार और.....
भैय्यू जी से पता चला कि उनके पिता को कैंसर है। यह बताते हुए पिता से उनका लगाव, उनकी श्रद्धा और कैंसर जैसी बीमारी का दर्द साफ चेहरे पर झलक रहा था। पत्नी माधवी और पुत्री कुहू है। बाद में पता चला कि पत्नी माधवी पुणे में बेटी की पढ़ाई और उसकी देखभाल के साथ रहती है। पिता की मृत्यु हो गई। कुछ समय और बीतने पर 49 साल (भैय्यू जी) की उम्र में उनकी पत्नी माधवी का देहांत हो गया। पत्नी के मौत का कारण उनका डिप्रेशन में जाना और बाद में बीमार होना बताया गया। पत्नी के मरने के करीब एक साल के भीतर सूचना मिली कि भैय्यू जी महाराज म.प्र. शिवपुरी की रहने वाली डा. आयुषी से 30 अप्रैल 2017 को दूसरा विवाह करेंगे।
डा. आयुषी आश्रम आती-जाती रहती थी। भैय्यू जी महाराज के इंदौर स्थित आश्रम की सहायक थी। हालांकि भैय्यू जी के संन्यास लेने के बाद उनके द्वारा दूसरा विवाह करने के निर्णय से उन्हें जानने वाले काफी अचंभित हुए, लेकिन भैय्यू जी द्वारा इसका कारण मां और बेटी कुहू की देखभाल बताया गया। अब इंदौर के उनके करीबियों से जानकारी मिल रही है कि बेटी कुहू, पत्नी आयुषी और परिवार के अन्य के बीच बढ़ रहे तनाव, वातावरण से भैय्यू जी महाराज परेशान थे। डा. आयुषी ने तीन महीने पहले बेटी को जन्म दिया है और बेटी कुहू के साथ आयुषी का तनाव बढ़ रहा था। खैर, यह जांच का विषय है।
आरोप भी चला साथ-साथ
मर्सिडीज या राल्स एंड रॉयस गाडिय़ों के शौकीन, कलाई पर रोलेक्स की घड़ी, हाथ में सोने के धागे, कुछ पत्थर, लाल धागा और हिसाब की विलासिता से भरी हुई संयमित जिंदगी। कुछ ऐसी ही जीवन शैली। सुंदर काया, आधुनिक सोच, लावण्यमयी चेहरा और आस-पास महिला अनुयाईयों की कतार भी। इन सब को लेकर उनपर सवाल भी खड़े होते रहे। संन्यास के बाद दूसरी शादी का निर्णय भी अचंभित करने वाला रहा। एक महिला अनुयाई मल्लिका राजपूत ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने से लेकर आरोप लगाने तक के तमाम प्रयास किए। उसका कहना था कि भैय्यू जी महाराज ने उन्हें उसे मोहजाल में फांस रखा है। वह छुप-छुपकर फोन करते हैं और परेशान करते हैं...आदि।
परिवार, संस्कार और.....
भैय्यू जी से पता चला कि उनके पिता को कैंसर है। यह बताते हुए पिता से उनका लगाव, उनकी श्रद्धा और कैंसर जैसी बीमारी का दर्द साफ चेहरे पर झलक रहा था। पत्नी माधवी और पुत्री कुहू है। बाद में पता चला कि पत्नी माधवी पुणे में बेटी की पढ़ाई और उसकी देखभाल के साथ रहती है। पिता की मृत्यु हो गई। कुछ समय और बीतने पर 49 साल (भैय्यू जी) की उम्र में उनकी पत्नी माधवी का देहांत हो गया। पत्नी के मौत का कारण उनका डिप्रेशन में जाना और बाद में बीमार होना बताया गया। पत्नी के मरने के करीब एक साल के भीतर सूचना मिली कि भैय्यू जी महाराज म.प्र. शिवपुरी की रहने वाली डा. आयुषी से 30 अप्रैल 2017 को दूसरा विवाह करेंगे।
डा. आयुषी आश्रम आती-जाती रहती थी। भैय्यू जी महाराज के इंदौर स्थित आश्रम की सहायक थी। हालांकि भैय्यू जी के संन्यास लेने के बाद उनके द्वारा दूसरा विवाह करने के निर्णय से उन्हें जानने वाले काफी अचंभित हुए, लेकिन भैय्यू जी द्वारा इसका कारण मां और बेटी कुहू की देखभाल बताया गया। अब इंदौर के उनके करीबियों से जानकारी मिल रही है कि बेटी कुहू, पत्नी आयुषी और परिवार के अन्य के बीच बढ़ रहे तनाव, वातावरण से भैय्यू जी महाराज परेशान थे। डा. आयुषी ने तीन महीने पहले बेटी को जन्म दिया है और बेटी कुहू के साथ आयुषी का तनाव बढ़ रहा था। खैर, यह जांच का विषय है।
आरोप भी चला साथ-साथ
मर्सिडीज या राल्स एंड रॉयस गाडिय़ों के शौकीन, कलाई पर रोलेक्स की घड़ी, हाथ में सोने के धागे, कुछ पत्थर, लाल धागा और हिसाब की विलासिता से भरी हुई संयमित जिंदगी। कुछ ऐसी ही जीवन शैली। सुंदर काया, आधुनिक सोच, लावण्यमयी चेहरा और आस-पास महिला अनुयाईयों की कतार भी। इन सब को लेकर उनपर सवाल भी खड़े होते रहे। संन्यास के बाद दूसरी शादी का निर्णय भी अचंभित करने वाला रहा। एक महिला अनुयाई मल्लिका राजपूत ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने से लेकर आरोप लगाने तक के तमाम प्रयास किए। उसका कहना था कि भैय्यू जी महाराज ने उन्हें उसे मोहजाल में फांस रखा है। वह छुप-छुपकर फोन करते हैं और परेशान करते हैं...आदि।