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Tomato Price: महंगाई की मार,प्याज के बाद टमाटर भी हुआ लाल;इस तरह सरकार आम लोगों को सस्ते रेट में बेचेगी टमाटर
Tue, 24 Sep 2024 03:21 PM IST
श्वेता महतो
डिजिटल ब्यूरो।
डिजिटल ब्यूरो।
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 24 Sep 2024 03:21 PM IST
सार
देश में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा, गुजरात, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र टमाटर का उत्पादन ज्यादा होता हैं। कुछ दिनों पहले हुई गुजरात, महाराष्ट्र, एमपी में तेज बारिश से टमाटर को नुकसान पहुंचा है। कई ट्रकों में रखे टमाटर खराब हो गए।
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टमाटक के बढ़े दाम
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
प्याज के बढ़ते दामों के बाद अब टमाटर भी लाल हो गया है। 15 दिन पहले तक जो टमाटर बाजार में 20—30 रुपए किलों मिल रहा था। वहीं टमाटर के रेट अब 50 से 70 रुपए किलों तक पहुंच गए है। इस बीच केंद्र सरकार ने टमाटर की कीमतों पर भी नजर रखना शुरु कर दिया हैं। जैस ही टमाटर के रेट ज्यादा उपर जाते वैसे ही सरकार प्याज की तर्ज पर सस्ते दरों में टमाटर की बिक्री करने का निर्णय लेगी। ताकि त्योहारी सीजन में आम आदमी को राहत मिल सके।
हाल ही में केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक से बिक्री बढ़ा दी है। क्योंकि खुले बाजार में अब भी प्याज की कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम है। ऐसे में केंद्र सरकार ने तय किया है कि बढ़ते रेट को ओर नीचे लाने के लिए सहकारी समितियों के जरिए 35 रुपये प्रति किलो की दर से सरकार प्याज बिक्री शुरु की गई है। जिन शहरों में दाम ज्यादा है वहां सस्ती दर पर प्याज की बिक्री होगी। इस बीच सरकार ने टमाटर के रेट पर भी नजर रखना शुरु कर दिया हैं। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने सोमवार को कहा कि टमाटर की कीमतों के रुझानों पर सरकार की नजर है। अगर कीमतें ऊपर जाती दिखीं तो सरकार हस्तक्षेप करेगी। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सस्ती दरों पर टमाटर की भी बिक्री शुरू कर सकता है। पिछले कुछ दिनों में सब्जी मंडियों में खुदरा और थोक बाजारों में टमाटर की कीमत एक बार फिर बढ़ने लगी है।
देश में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा, गुजरात, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र टमाटर का उत्पादन ज्यादा होता हैं। कुछ दिनों पहले हुई गुजरात, महाराष्ट्र, एमपी में तेज बारिश से टमाटर को नुकसान पहुंचा है। कई ट्रकों में रखे टमाटर खराब हो गए। वहीं कई ट्रक बाढ़ में फंस गए। इससे समय से माल उत्तर भारत की सब्जी मंडियों तक नहीं पहुंच पाया।
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करोबारियों का कहना है कि इन दिनो बाजार में टमाटर की आवक कम हुई हैं जो सामान्य मात्रा से मुकाबले काफी कम है। चार सप्ताह पहले तक टमाटर की कीमत 10 से 12 रुपए प्रति किलो थी। अब यही टमाटर शहर के खुदरा बाजारों में 50-70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। बढ़ते दामों के पीछे का मुख्य कारण अधिक वर्षा और उत्पादन में कमी आना है। इसके अलावा कई राज्यों में आई बाढ़ के चलते कई टमाटर उत्पादक राज्य अपनी उपज सही समय पर मंडियों में नहीं ला पा रहे है। इससे भी दाम बढ़ रहे हैं। आम लोगों के अलावा रेस्तरां और होटल उद्योग में टमाटर की भारी मांग है। आवक में थोड़ी सी भी गिरावट के चलते खुदरा बाजारों में कीमतें बढ़ जाती हैं। पिछले कई दिनों से मंडियों में इसका असर देखने को मिल रहा है।
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हाल ही में केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक से बिक्री बढ़ा दी है। क्योंकि खुले बाजार में अब भी प्याज की कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम है। ऐसे में केंद्र सरकार ने तय किया है कि बढ़ते रेट को ओर नीचे लाने के लिए सहकारी समितियों के जरिए 35 रुपये प्रति किलो की दर से सरकार प्याज बिक्री शुरु की गई है। जिन शहरों में दाम ज्यादा है वहां सस्ती दर पर प्याज की बिक्री होगी। इस बीच सरकार ने टमाटर के रेट पर भी नजर रखना शुरु कर दिया हैं। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने सोमवार को कहा कि टमाटर की कीमतों के रुझानों पर सरकार की नजर है। अगर कीमतें ऊपर जाती दिखीं तो सरकार हस्तक्षेप करेगी। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सस्ती दरों पर टमाटर की भी बिक्री शुरू कर सकता है। पिछले कुछ दिनों में सब्जी मंडियों में खुदरा और थोक बाजारों में टमाटर की कीमत एक बार फिर बढ़ने लगी है।
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देश में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा, गुजरात, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र टमाटर का उत्पादन ज्यादा होता हैं। कुछ दिनों पहले हुई गुजरात, महाराष्ट्र, एमपी में तेज बारिश से टमाटर को नुकसान पहुंचा है। कई ट्रकों में रखे टमाटर खराब हो गए। वहीं कई ट्रक बाढ़ में फंस गए। इससे समय से माल उत्तर भारत की सब्जी मंडियों तक नहीं पहुंच पाया।
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करोबारियों का कहना है कि इन दिनो बाजार में टमाटर की आवक कम हुई हैं जो सामान्य मात्रा से मुकाबले काफी कम है। चार सप्ताह पहले तक टमाटर की कीमत 10 से 12 रुपए प्रति किलो थी। अब यही टमाटर शहर के खुदरा बाजारों में 50-70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। बढ़ते दामों के पीछे का मुख्य कारण अधिक वर्षा और उत्पादन में कमी आना है। इसके अलावा कई राज्यों में आई बाढ़ के चलते कई टमाटर उत्पादक राज्य अपनी उपज सही समय पर मंडियों में नहीं ला पा रहे है। इससे भी दाम बढ़ रहे हैं। आम लोगों के अलावा रेस्तरां और होटल उद्योग में टमाटर की भारी मांग है। आवक में थोड़ी सी भी गिरावट के चलते खुदरा बाजारों में कीमतें बढ़ जाती हैं। पिछले कई दिनों से मंडियों में इसका असर देखने को मिल रहा है।