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भीमा-कोरेगांव मामला: हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा के खिलाफ मामला खारिज करने से किया इंकार
Fri, 13 Sep 2019 07:08 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 13 Sep 2019 07:08 PM IST
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गौतम नवलखा (फाइल फोटो)
बंबई हाई कोर्ट ने भीमा-कोरेगांव हिंसा और माओवादियों के साथ कथित जुड़ाव के लिए नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज करने से इनकार करते हुए शुक्रवार को कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया तथ्य दिखता है।
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न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की पीठ ने कहा, मामले की व्यापकता को देखते हुए हमें लगता है कि पूरी छानबीन जरूरी है। पीठ ने कहा कि यह बिना आधार और सबूत वाला मामला नहीं है।
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पीठ ने नवलखा की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने जनवरी 2018 में पुणे पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को खारिज करने की मांग की थी । एल्गार परिषद द्वारा 31 दिसंबर 2017 को पुणे जिले के भीमा-कोरेगांव में कार्यक्रम के एक दिन बाद कथित रूप से हिंसा भड़क गई थी ।
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पुलिस का आरोप है कि मामले में नवलखा और अन्य आरोपियों का माओवादियों से जुड़ाव था और वे सरकार को उखाड़ फेंकने की दिशा में काम कर रहे थे। अदालत ने कहा, अपराध भीमा-कोरेगांव हिंसा तक सीमित नहीं है । इसमें कई पहलू हैं । इसलिए हमें जांच की जरूरत लगती है।
पीठ ने जब अपना आदेश सुनाया तो नवलखा के वकील युग चौधरी ने उच्च न्यायालय द्वारा नवलखा को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम जमानत को बढाने की मांग की ।