पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में भारी बारिश, यूपी-बिहार में सूखे जैसे हालात
देश में मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के राज्यों में मानसून काफी सक्रिय है। पूर्वोत्तर के चार राज्य मणिपुर, त्रिपुरा, असम और मिजोरम बाढ़ की चपेट में हैं। भारी बारिश ने इन राज्यों में तबाही मचाई है जिसमें अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में 15 जगहों पर 100-270 मिमी तक बारिश हुई है जबकि मौसम विभाग ने कई जगह भारी बारिश की चेतावनी दी है।
केरल के एर्नाकुलम में भारी बारिश की वजह से जिला प्रशासन ने 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद कर दिया है।
Kerala: District Administration has declared holiday in all schools, including pvt schools, till Class 12 in Ernakulam district today due to continuous heavy rainfall in the region.
— ANI (@ANI) 18 July 2018विज्ञापन
पूर्वोत्तर रेलवे पीआरओ ने बताया कि कोट्टायम-एट्टुमानूर सेक्शन में बुधवार को 10 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है और रेल पुलों के नीचे लगातार बारिश और उच्च नदी के पानी के स्तर के कारण एर्नाकुलम से पुनालुर के बीच 2 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है।
10 trains have been fully cancelled for today in Kottayam-Ettumanur section and 2 trains have been partially cancelled between Ernakulam to Punalur due to incessant rain and high river water level beneath rail bridges: Railway PRO #Kerala
— ANI (@ANI) 18 July 2018
कहीं तबाही तो कहीं अभी भी सूखा
मौसम विभाग के निदेशक के जी रमेश ने बताया कि बीते मंगलवार को सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हुई। करीब 15 जगहों पर 100 से 300 मिमी वर्षा हुई। गुजरात में खासकर सौराष्ट्र के इलाके में बारिश ने तबाही मचाई है। बाढ़ प्रभावित सात जिलों से 4 हजार लोगों को बचाया गया है। गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ में 44.8 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई और एक दिन में महीने की 30 प्रतिशत बारिश हुई है। गुजरात में अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है।
हालांकि अभी तक मानसून का वितरण ठीक नहीं रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा में मानसून की बेरुखी अभी भी जारी है। उत्तर प्रदेश, बिहार में अब तक 45 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई है। देश के 91 जलाश्यों में पानी पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। अभी 32.847 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी है। यह कुल स्टोरेज क्षमता का महज 20 प्रतिशत है। यह अहम है कि इन 91 में से 31 जलाश्य दक्षिण भारत में है। जहां मानसून काफी मजबूत रहा है। 11 राज्यों में कम बारिश से खेती पर असर पड़ा है। अब तक 333.76 मिलियन हेक्टेयर बुआई हुई है, बीते साल की तुलना में 14 प्रतिशत कम है। बंगाल, यूपी, बिहार, झारखंड में कम बारिश से धान का रकवा 15 प्रतिशत हुआ।
मौसम विभाग ने कोंकण और गोवा, गुजरात में सौराष्ट्र रीजन, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।