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आफ्सपा वाले इलाकों में अभियोजन को चुनौती देने वाली सैन्यकर्मियों की याचिका पर कोर्ट करेगा सुनवाई

Mon, 20 Aug 2018 02:18 PM IST
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Updated Mon, 20 Aug 2018 02:18 PM IST
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Hearing on petition of military personnel challenging prosecution in Afspa areas
Supreme Court
उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि वह मणिपुर और जम्मू-कश्मीर में अभियान संचालित करने पर अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने को चुनौती देने वाली 300 सैन्यकर्मियों की याचिका पर 4 सितंबर को सुनवाई करेगा। मणिपुर और जम्मू-कश्मीर में आफ्सपा लगा है।
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यह याचिका न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर, न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आज सूचीबद्ध थी। पेश की गई। पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई वही पीठ करेगी जिसने इस संबंध में पिछले साल एक आदेश पारित किया था। न्यायमूर्ति लोकुर ने कहा कि इसे उसी पीठ के समक्ष भेजना होगा। 
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न्यायमूर्ति लोकुर ने कहा कि न्यायमूर्ति यू. यू. ललित के साथ उन्होंने पिछले आदेश पारित किया था और इस मामला को उसी पीठ के समक्ष भेजना होगा। उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने पिछले साल 14 जुलाई को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था और उसे मणिपुर में कथित न्यायेतर हत्याओं के 1,528 मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने और उसकी जांच करने का आदेश दिया था।
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इस बीच, पीठ ने कहा कि मणिपुर फर्जी मुठभेड़ मामलों से जुड़ीं दो अलग अलग याचिकाओं की सुनवाई 4 सितंबर को होगी। मुख्य याचिका में कहा गया है कि इस तरह के अशांत इलाकों में अपना फर्ज निभाने पर सैन्यकर्मियों के खिलाफ ‘‘मुकदमा ’’ चलाया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।
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