फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hearing for recognition of same sex marriages in Supreme Court today, Sibal asked Is society ready to listen

Same Sex Marriage: समलैंगिकों के विवाह मामले पर कपिल सिब्बल का सवाल, पूछा- क्या समाज इसे सुनने को तैयार

Tue, 18 Apr 2023 12:59 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 18 Apr 2023 12:59 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 में धारा 377 को रद्द कर दिया था। इसके बाद से भारत में समान लिंग के बीच संबंध बनाना अप्राकृतिक नहीं रह गया था। धारा 377 खत्म करने के बाद से देश में लगातार समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने की मांग उठ रही थी।

विज्ञापन
Hearing for recognition of same sex marriages in Supreme Court  today, Sibal asked Is society ready to listen
कपिल सिब्बल - फोटो : PTI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की एक बेंच मंगलवार को देश में समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता देने वाली याचिका की सुनवाई करेगा। सुनवाई कर रही बेंच की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ करेंगे। इसपर पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर एक सवाल पूछा है। 

विज्ञापन

कपिल सिब्बल ने किया ट्वीट
पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को सुनवाई से पहले मंगलवार ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट कर पूछा कि समलैंगिक विवाह, सुप्रीम कोर्ट सुनने को तैयार है, लेकिन क्या समाज सुनने को तैयार है।

विज्ञापन

बेंच में पांच जज होंगे शामिल
सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ कर रहे हैं। इसके अलावा बेंच में जस्टिस एस के कौल, जस्टिस एस रविंद्र भट, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस हिमा कोहली शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट देश में समान लिंग शादियों को कानूनी मान्यता देने के लिए सुनवाई कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

2018 से हो रही है मांग
सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 में धारा 377 को रद्द कर दिया था। इसके बाद से भारत में समान लिंग के बीच संबंध बनाना अप्राकृतिक नहीं रह गया था। धारा 377 खत्म करने के बाद से देश में लगातार समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने की मांग उठ रही थी। हालांकि, केंद्र इस मामले का शुरू से विरोध कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed