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Health Roadmap: दो साल में 7.5 करोड़ रोगियों तक पहुंचेगी सरकार, 40 हजार चिकित्सा कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण
Thu, 18 May 2023 07:06 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 18 May 2023 07:06 AM IST
सार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर गैर संचारी रोगों को लेकर संशोधित दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं ताकि राज्य सरकारों को मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में आसानी हो सके।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
उच्च रक्तचाप और मधुमेह रोगियों की पहचान करने के लिए केंद्र सरकार ने आगामी दो साल का रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत 2025 तक 7.50 करोड़ रोगियों की पहचान करने के लिए गांव-गांव और जिला अस्पतालों में अभियान चलाया जाएगा। इन रोगियों की नि:शुल्क जांच, उपचार और निगरानी की जाएगी। इसके लिए सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात 40 हजार चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिलाएगी।
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बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर गैर संचारी रोगों को लेकर संशोधित दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं ताकि राज्य सरकारों को मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में आसानी हो सके। कार्यक्रम में मौजूद नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि भारत में हर साल 63 फीसदी मौतें गैर संचारी रोगों की वजह से हो रही हैं। देश में इन मरीजों की संख्या करोड़ों में है। ऐसे में यह जरूरी है कि इन रोगियों की पहचान, जांच, इलाज और उनमें जागरूकता लाने का संयुक्त प्रयास किया जाए।
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रोगियों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना जरूरी
डॉ. वीके पॉल ने कहा कि 2025 तक उच्च रक्तचाप और मधुमेह रोगियों को गुणवत्ता युक्त उपचार देने का लक्ष्य रखा है क्योंकि इन्हीं रोगियों में आगे चलकर हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारी होने का खतरा रहता है। डॉ. पॉल ने कहा कि गैर संचारी रोगों के खिलाफ लड़ाई प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर के माध्यम से लड़ी जानी चाहिए। देश में अभी 1.50 लाख से ज्यादा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित हुए हैं। उच्च रक्तचाप की रोकथाम और प्रबंधन में तेजी लाने के लिए उन्होंने राज्यों से अपील की है कि वह दिशा निर्देशों का पालन करते हुए जमीनी स्तर पर रोगियों की निगरानी जरूर करें।
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भारत का लक्ष्य पूरी दुनिया में सबसे बड़ा : डब्ल्यूएचओ
कार्यक्रम में डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा, 2025 तक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के जरिये उच्च रक्तचाप और मधुमेह ग्रस्त 7.5 करोड़ रोगियों तक पहुंचने का भारत का लक्ष्य पूरी दुनिया में सबसे बड़ा है।
- वहीं, डब्ल्यूएचओ के दक्षिण पूर्व एशिया की निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि भारत के 1.50 लाख से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर गांव गांव तक लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सफल हो रहे हैं।