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स्वास्थ्य मंत्रालय: सरकार को 1194 मिले कोरोना वॉरियर्स के आवेदन, 921 को मिली 50-50 लाख रुपये की राशि
Thu, 22 Jul 2021 06:24 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 22 Jul 2021 06:24 AM IST
सार
- 1194 कोरोना वॉरियर्स के आवेदन मिल चुके हैं जिनकी मौत संक्रमण हुई
- अभी तक 140 कोरोना वॉरियर्स के आवेदन हैं लंबित
- पीएम मोदी ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा 24 अप्रैल को योजना आगे बढ़ाई
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कोरोना योद्धा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोविड महामारी की दूसरी लहर के बाद कोरोना वॉरियर्स को लेकर एक बार फिर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।
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आईएमए और सरकार के आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश भर से अब तक 1194 कोरोना वॉरियर्स के आवेदन मिल चुके हैं जिनकी मौत संक्रमण के चलते हुई है। इनमें से 921 परिवारों का आवेदन मंजूर हो चुका है। इन परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी) के तहत 50-50 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है।
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जबकि 140 आवेदन अभी लंबित हैं। पिछले साल कोरोना महामारी की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों के स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की थी। इसी साल 24 अप्रैल को योजना आगे बढ़ाई गई।
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आईएमए ने अकेले दूसरी लहर में ही 800 से ज्यादा डॉक्टरों की मौत की पुष्टि
आईएमए के अनुसार 800 डॉक्टरों की मौत इसी साल दूसरी लहर में हुई है। जबकि अब तक 1500 से ज्यादा डॉक्टरों की संक्रमण के चलते मौत हो चुकी है। नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंकड़ा इसमें शामिल नहीं है। आईएमए के आंकड़ों को आधार माना जाए तो देश में दो हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों की संक्रमण के चलते मौत हुई है जबकि सरकारी आंकड़ों में 50 फीसदी कम मामले सामने आए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में 10.14 लाख एलोपैथिक डॉक्टर और 5.65 लाख आयुष डॉक्टर उपलब्ध हैं। यह 1:854 का डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात है। साथ ही करीब 22.72 लाख पंजीकृत नर्स हैं। अगर इनकी 70 फीसदी उपलब्धता माना जाए तो लगभग 16 लाख सक्रिय पंजीकृत नर्स हैं।
मंत्रालय ने बताया कि पुरानी योजना के तहत 1079 आवेदन आए थे जिनमें से 56 अभी लंबित हैं। जबकि 806 परिवारों को आर्थिक मदद मिल चुकी है। जबकि इस साल 24 अप्रैल के बाद से अब तक मिले 115 आवेदन मंजूर किए जा चुके हैं। फिलहाल 84 आवेदन लंबित हैं जिन्हें जल्द ही सहायता राशि मंजूर होगी।