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स्वास्थय मंत्री ने दी जानकारी, कहा- देशभर में टीबी से होने वाली मौतों की संख्या में आई गिरावट
Fri, 29 Nov 2019 02:40 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Fri, 29 Nov 2019 02:40 PM IST
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
स्वास्थय एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को लोकसभा में जानकारी दी कि देश में टीबी से होने वाली मौत में कमी आई है। हर्षवर्धन ने कहा कि वैश्विक टीबी की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में टीबी एचआईवी के कारण अनुमानित मौतों में 85% की कमी हुई है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि वैश्विक टीबी की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में टीबी एचआईवी के कारण अनुमानित मौतों में 85% की कमी हुई है जो 2010 में 63,000 से घटकर 2018 में 9,700 हो गई है।
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उन्होंने कहा कि इसी अवधि में, टीबी की वजह से होने वाली कुल मौतों का अनुमान है कि टीबी एचआईवी की वजह से 2010 में भारत में 5,57,000 से कम होकर 2018 में 4,49,000 हो गई है। उन्होंने बताया कि यह 19% तक कम हो गई है।
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हर्षवर्धन ने कहा कि नवीनतम वैश्विक टीबी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में नए टीबी के मामलों की अनुमानित संख्या 26.9 लाख थी। लेकिन भारत की नवीनतम टीबी रिपोर्ट के अनुसार, 2017की तुलना में 2018 में अधिसूचित टीबी रोगियों की संख्या में केवल 18% की वृद्धि हुई है। 2017 में भारत में टीबी मरीजों की संख्या 18,27,959 थी जो बढ़कर 2018 में 21,55,894 हो गई, लेकिन यह अनुमानित संख्या से कम हैं।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उम्मीद जताई कि अगले पांच-सात वर्षों के भीतर देश में चिकित्सकों की कमी दूर हो जाएगी। सदन में प्रश्नकाल के दौरान अधीर रंजन चौधरी और भर्तृहरि महताब के पूरक प्रश्नों के उत्तर में मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद देश में एमबीबीएस की सीटों में 29 हजार और मेडिकल के पीजी पाट्यक्रमों की सीटों में 17 हजार की बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने कहा कि देश में इस समय 150 से अधिक मेडिकल कॉलेज और 22 एम्स स्थापित करने पर काम हो रहा है। हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार के इन प्रयासों को देखते हुए मुझे भरोसा है कि अगले पांच वर्षों में स्नातक और पीजी स्तर के चिकित्सकों की कमी दूर हो जाएगी।
सदन में शशि थरूर और रीति पाठक के पूरक प्रश्नों के उत्तर में आयुष मंत्री श्रीपद नाईक ने कहा कि सरकार देश के हर जिले में एक आयुष अस्पताल स्थापित करने के लिए प्रयास कर रही है, हालांकि अभी तक सिर्फ 91 जिलों से इस संदर्भ में प्रस्ताव मिला है।