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नीट पर अध्यादेश: स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रपति को दी सफाई

Tue, 24 May 2016 02:47 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 24 May 2016 02:47 AM IST
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Health minister give explanation to President over ordinance on NEET
फाइल फोटो: राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी - फोटो : PTI

एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए नेशनल एंटेंस एलिजिबिलिटी टेस्ट (नीट) से राज्यों के मेडिकल कॉलेजों को एक वर्ष तक बाहर रखने के लिए अध्यादेश लाने के केंद्र सरकार के फैसले पर राष्ट्रपति के सवालों का केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब दिया। अध्यादेश पर हस्ताक्षर करने के पहले राष्ट्रपति ने केन्द्र सरकार से पूछा है कि इस मसले पर अध्यादेश लाने की क्या जरूरत पड़ गई। 

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केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ सोमवार को नीट के मसले पर आधे घंटे से ज्यादा देर तक बातचीत की। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने नीट से राज्यों के मेडिकल कॉलेज को एक वर्ष के लिए बाहर रखने के कारणों के बारे में विस्तार से बताया। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि केन्द्र की सरकार नीट के पक्ष में है और एक वर्ष बाद राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए भी स्टूडेंट्स को नीट के तहत ही परीक्षा देने होंगे। 
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स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रपति को राज्य सरकारों के तीन आपत्तियों से अवगत कराया। बताया कि राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाले एग्जाम का सिलेबस और भाषा अलग-अलग है। कई राज्यों में दाखिले के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इसी वजह से इस वर्ष से राज्यों को आपत्ति है।

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इसी वर्ष से नीट के तहत परीक्षा होगी

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राष्ट्रपति को इस बात से भी अवगत कराया गया कि सभी राजनीतिक दल राज्यों को एक वर्ष के लिए छूट देने के लिए तैयार थे, इसके बाद ही अध्यादेश लाने का फैसला किया गया। हालांकि निजी मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए इसी वर्ष से नीट के तहत परीक्षा होगी, जिसका पहला फेज हो चुका है और दूसरा फेज 24 जुलाई को तय है।
 
शुक्रवार को केन्द्रीय कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी दी थी और शनिवार को राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। मंगलवार से राष्ट्रपति को चीन की यात्रा पर जाना है। बताया जा रहा है कि सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री को अध्यादेश पर राष्ट्रपति को सफाई देनी थी, इसी वजह से उन्हें जेनेवा की यात्रा भी टालनी पड़ी है। 
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