पीएम बोले- बाढ़ प्रभावित राज्यों की मदद करेगी सरकार, चंद्रबाबू-नीतीश ने उठाया विशेष राज्य का मुद्दा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की चौथी गवर्निंग काउंसिल बैठक राजधानी दिल्ली में हुई। इस बैठक में दिल्ली, मणिपुर, गोवा, त्रिपुरा, सिक्किम, मिजोरम, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और ओडिशा के मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायूड ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है। वहीं, बिहार सीएम नीतीश कुमार ने इस मांग का समर्थन करते हुए अपने सूबे के लिए भी इस दर्जे की मांग की है।
बैठक के दौरान शुरुआती भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों और अन्य प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा, "नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल एक ऐसा मंच है जो ऐतिहासिक परिवर्तन ला सकता है।"
पीएम ने बाढ़ प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आश्वासन दिया कि बाढ़ से निपटने के लिए केंद्र सरकार उन्हें सभी प्रकार की सहायता मुहैया करायेगी। उन्होंने कहा कि नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल ने टीम इंडिया की तरह काम किया है। प्रधानमंत्री ने जीएसटी लागू करने को इसका प्रमुख उदाहरण बताया है।
PM Modi reiterated that NITI Aayog Governing Council is platform that can bring about "historic change." He assured CMs from flood-affected States that Centre would provide all assistance to them, to deal with flood situation currently affecting parts of the country:Statement pic.twitter.com/j2b3af13yI
— ANI (@ANI) June 17, 2018
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2017-18 की चौथी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.7 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि चुनौती अब इस विकास दर को दो अंकों तक ले जाने की है, जिसके लिए कई और महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने हैं। उन्होंने कहा कि साल 2022 तक एक नए भारत का विजन अब हमारे देश के लोगों का संकल्प है। इस संदर्भ में उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करना, महत्वाकांक्षी जिलों का विकास, आयुष भारत, मिशन इंद्रधनुष, आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय पोषण मिशन और महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर देशभर में जश्न मनाने सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि आयुष भारत के तहत 1.5 लाख स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। पीएम ने कहा कि लगभग 10 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा। इसमें हर साल 5 लाख परिवारों को शामिल किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना, जन धन योजना और स्टैंड अप इंडिया जैसी योजनाएं अधिक वित्तीय समावेश में मदद कर रही हैं। ग्राम स्वराज अभियान योजनाओं को लागू करनेक लिए एक नए मॉडल के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि अब तक महत्वाकांक्षी जिलों में 45,000 गांवों तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने प्राथमिकता पर आर्थिक असंतुलन से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया है।