फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hatha Tantra dominates: the process of bypassing institutions

'हठतंत्र' हावी: संस्थानों को दरकिनार करने का सिलसिला

Tue, 26 Jan 2021 10:12 AM IST
Kuldeep Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 26 Jan 2021 10:12 AM IST
विज्ञापन
Hatha Tantra dominates: the process of bypassing institutions
आईटीबीपी के जवान - फोटो : ANI

72 साल पहले संविधान ने हमें लोकतांत्रिक गणराज्य दिया। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की शक्तियों का स्पष्ट विभाजन है। जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए शासन सुनिश्चित करने के लिए संविधान निर्माताओं ने कानून बनाने और शासन चलाने का जिम्मा चुने हुए प्रतिनिधियों को दिया।

विज्ञापन


सांविधानिक तरीकों के बजाय लोगों ने पकड़ा हठ का रास्ता
लेकिन कुछ वर्षों में एक चलन शुरू हुआ है, जिसमें संसद में बनने वाले कानूनों को खारिज किया जाने लगा है। इस कड़ी में पहले सीएए, अनुच्छेद-370 और अब कृषि कानूनों पर गण और तंत्र आमने-सामने हैं। असहमति के नाम पर शुरू प्रदर्शन हठधर्मिता का आंदोलन बन जाता है।
विज्ञापन


इसमें अड़ियल रवैये से कोई हल नहीं निकलता। इससे पैदा गतिरोध न सिर्फ आमजन के जीने के अधिकार का हनन करता है बल्कि देश की छवि भी खराब करने का काम करता है। जानकारों के मुताबिक, अपने मनमाफिक कानून चाहने वाली स्थिति कतई संविधान सम्मत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फिर संस्थानों की मान्यता ही क्या रहेगी
जाने-माने संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप कहते हैं कि आंदोलनों पर सरकार झुक जाए, तो हमें आए दिन यही तरीका देखने को मिलेगा। किसानों के बाद खेतिहर, मजदूर, शिक्षक, फैक्ट्री कर्मचारी और ट्रेड यूनियनें अड़ जाएंगी। अगर हर मौके पर संस्थानों का घेराव करने लगेंगे तो फिर उनकी क्या मान्यता रह जाएगी।


दूसरों के लिए अपमानजनक नारे, ये कैसी अभिव्यक्ति
किसान आंदोलन में कई आपत्तिजनक और अपमान भरे नारे भी गूंज उठे। इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार कैसे करार दिया जा सकता है। यह अभिव्यक्ति के अधिकार का सरासर दुरुपयोग है। राजनेताओं को पता है कि कोई भी मौलिक अधिकार पूर्ण नहीं है। पर वह फायदे के लिए इनका जानबूझकर बेजा इस्तेमाल होने देते हैं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed