Haryana: 240 दिन पहले लिखी गई थी भाजपा-जजपा गठबंधन टूटने की पटकथा, क्या दोबारा सीएम बनेंगे मनोहर लाल खट्टर?
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विस्तार
हरियाणा में हुए राजनीतिक बदलाव के बीच भाजपा ने जजपा से गठबंधन तोड़ दिया है। लोकसभा चुनाव की दहलीज पर हुए इस बड़े घटनाक्रम में मनोहर लाल को दोबारा से मुख्यमंत्री बनाए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। खट्टर सरकार का नए सिरे से गठन होगा। भाजपा ने अपने सभी विधायकों को चंडीगढ़ बुला लिया है। सात में से छह निर्दलीय विधायक चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। हलोपा के विधायक गोपाल कांडा भी चंडीगढ़ पहुंच चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा और जजपा गठबंधन टूटने की पटकथा, 240 दिन पहले यानी जून 2023 में ही लिखी गई थी। उस वक्त इन दोनों दलों के बीच दरार आ गई थी। वह दरार अभी तक भरी नहीं थी। ये अलग बात है कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और दुष्यंत चौटाला की मुलाकात के बाद दोनों दलों में चल रहे गतिरोध के कुछ हद तक दूर होने की बात कही गई थी।
गत वर्ष भाजपा और जजपा गठबंधन में एक बड़ी दरार आ गई थी। राजनीतिक संकट को देखते हुए कई निर्दलीय विधायकों को दिल्ली बुलाया गया था। उस वक्त उचाना कलां से जजपा विधायक और प्रदेश के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा था, वे उचाना कलां से ही विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। चौटाला ने वह बात इसलिए कही थी, क्योंकि हरियाणा के भाजपा प्रभारी बिप्लब देब ने पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता को उचाना कलां का अगला विधायक बताया था। चौटाला के बयान पर बिप्लब देब ने भी पलटवार किया था।
बिप्लब ने कहा, अगर जजपा ने हमारी सरकार का समर्थन दिया है, तो कोई अहसान नहीं किया। इसके बदले में उन्हें मंत्रिपद दिए गए हैं। बिप्लब देब और दुष्यंत चौटाला के बीच हुई बयानबाजी के बाद ऐसे कयास लगाए जाने लगे थे कि प्रदेश में भाजपा-जजपा गठबंधन में बड़ी दरार आ सकती है। दोनों दलों के बीच की दूरी इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि भाजपा ने निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर, राकेश दौलताबाद, रणधीर सिंह और सोमवीर सांगवान को दिल्ली बुलाया गया था। भाजपा ने वह प्लान तैयार कर लिया था कि अगर जजपा से गठबंधन टूटता है, तो उस स्थिति में सरकार को कोई नुकसान न हो, इसके लिए निर्दलीय विधायकों को अपने पक्ष में करने की कवायद शुरू की गई।
दिल्ली में बिप्लब देब ने निर्दलीय विधायकों से मुलाकात की थी। हलोपा विधायक गोपाल कांडा पहले से ही भाजपा के करीब थे। निर्दलीय विधायकों की मदद से खट्टर सरकार चलती रहेगी। हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 41 विधायक, कांग्रेस के 30 विधायक, जजपा के 10, इनेलो का एक, हलोपा एक और सात निर्दलीय विधायक हैं। निर्दलीय विधायकों में से छह विधायक भाजपा के साथ बताए जा रहे हैं। हालांकि हलोपा प्रमुख गोपाल कांडा का कहना है, भाजपा को निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है। सरकार को कोई खतरा नहीं है।